जल्द शुरू होगी रैपिडएक्स, जांची गई ट्रेन की सिग्नलिंग और नियंत्रण प्रणाली

गाजियाबाद। डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष के राजारमन ने टीम के साथ रविवार को रैपिडएक्स ट्रेन दौरा किया। उन्होंने सिग्नलिंग और ट्रेन नियंत्रण प्रणाली के प्रदर्शन को जांचा। 180 किमी प्रति घंटे की गति चलने के लिए डिजाइन किए गए ट्रैक का अवलोकन किया। सबकुछ ठीक पाये जाने पर उन्होंने एनसीआरटीसी के काम की सराहना की। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिडएक्स कारिडोर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष के राजारामन के साथ टीम के सदस्य संजीव अग्रवाल, मनीष सिन्हा, एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने ट्रेन का दौरा किया। टीम साहिबाबाद स्टेशन पहुंची। यहां वे ट्रेन में बैठकर दुहाई स्टेशन पहुंचे। वहां जांच पड़ताल करने के बाद दोबारा से साहिबाबाद स्टेशन आ गए।
150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी ट्रेन
इस दौरान जांच में सामने आया कि लांग टर्म एवोल्यूशन (एलटीई) नेटवर्क पर यूरोपियन ट्रेन सिग्नलिंग सिस्टम लेवल टू (ईटीसीएस एल टू) के सफल काम करने पर खुशी जाहिर की। रैपिडएक्स के 180 किमी प्रति घंटे की गति से यात्रा करने के लिए डिजाइन किए गए ट्रैक की विशेषताओं का अवलोकन किया। हालांकि इसे 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। ट्रेन में मिशन क्रिटिकल वायस कम्युनिकेशन और वीडियो एप्लिकेशन को परखा। भारत के पहले कैप्टिव गैर सार्वजनिक नेटवर्क (सीएनपीएफ) लाइसेंस धारक के रूप में एनसीआरटीसी ने संचार प्रौद्योगिकी में एक नया मानदंड स्थापित किया है। जिसमें सिग्नलिंग और ट्रेन कंट्रोल और मिशन क्रिटिकल वायस कम्युनिकेशन और वीडियो एप्लिकेशन के लिए 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में एलटीई संचार बैकबोन को लागू किया गया है। यह बहुत ही सराहनीय है।
रैपिडएक्स कारिडोर लांग टर्म इवोल्यूशन रेडियो पर हाइब्रिड एल थ्री साथ ईटीसीएस एल टू के संयोजन को लागू करने वाली विश्व की पहली ट्रेन आधारित प्रणाली है। प्लेटफार्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) और स्वचालित ट्रेन संचालन (एटीओ) इसमें लगाए गए हैं, जो रैपिडएक्स में उच्च सुरक्षा और लाइन को उच्च क्षमता प्रदान करते हैं।
ट्रेन नहीं बदलनी होगी
एलटीई तकनीक आधारित सिग्नल्लिंग रैपिडएक्स कारिडोर को इंटरअपरेबल बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह ट्रेनों को निर्बाध रूप से संचालित करने की सुविधा देगा। ट्रेनों को बदले बिना यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। के राजारामन ने कहा कि सिग्नलिंग सिस्टम प्रणाली बहुत उच्च गुणवत्ता की है।




