मेडिकल कॉलेज बहराइच में नहीं सीटी स्कैन व एमआरआई सुविधा

बहराइच,(उत्तर प्रदेश)। मेडिकल कॉलेज बहराइच में सीटी स्कैन, एमआरआई व डायलिसिस की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गंभीर रोगियों को लखनऊ जाना पड़ रहा है। नेपाल से भी आने वाले मरीज भटकने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो कई साल पहले मिल गया था पर चिकित्सकों और तकनीशियनों की कमी के कारण जरूरतमंदों को कई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मेडिकल कॉलेज आसपास के जिले के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के लोगों के लिए इलाज का एक बड़ा केंद्र है। दूर-दूर से आने वाले लोग यह सोचकर आते है कि उन्हें यहां सभी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
यहां डायलिसिस की मशीन है, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मशीन मेडिकल काॅलेज में शोपीस बनकर रखी है। जबकि बाहर ये जांचें बहुत महंगी होती हैं। निजी सेंटर पर सीटी स्कैन जांच दो से तीन हजार, एमआरआई जांच लगभग सात हजार तथा डायलिसिस भी चार से पांच हजार रुपए में होती है। जान बचाने के लिए मरीजों को बाहर जाकर जांच कराना पड़ रहा है।
100 शैय्या मैटरनिटी बिल्डिंग में लगी लिफ्ट वर्षों से शोपीस बनकर रह गई है। लिफ्ट अब तक सुधर नहीं पाई है। जिससे महिला मरीजों को तीन मंजिला वार्ड तक जाने में परेशानी हो रही है। अस्पताल कर्मचारी व तीमारदार स्ट्रेचर या व्हीलचेयर घसीटते हुए मरीज को लाते और ले जाते हैं। डॉक्टरों को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चार से पांच मंजिल तक चढ़ने उतरने में लोगों की सांसें फूल जाती हैं।मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजिस्ट पिछले दिनों दुर्घटना में घायल हो गए थे। वे छुट्टी पर चले गए है। दूसरा कोई रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। मरीजों को बाहर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है।
मशीनें आदि प्रशासन खरीदकर दे रहा है। सीटी स्कैन की सुविधा दिलाने के लिए रिपोर्ट शासन स्तर को भेज दी गई है। डायलिसिस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। मशीन भी आ गई है। जल्द ही मरीजों को सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
– डॉ. संजय खत्री, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, बहराइच



