अतीक अहमद मर्डर और जिगाना का सुंदर भाटी कनेक्शन, आखिर हमलावरों पास कहां से आई भारत में बैन पिस्टल

प्रयागराज,(उत्तर प्रदेश)। प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई की तीन हमलावरों ने हत्या कर दी। पुलिस ने हमलावर सनी सिंह उर्फ पुराने, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब जैसे-जैसे पुलिस और यूपी एसटीएफ जांच के लिए आगे बढ़ रही है तो कई हैरान कर देने वाले राज सामने आ रहे हैं। अतीक अहमद हत्या का कनेक्शन अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खूंखार गैंग सुंदर भाटी से होना सामने आया है।
15 अप्रैल यानी शनिवार रात को अतीक और अशरफ की हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने हत्या करने के लिए जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है, वो भारत में बैन है। इस पिस्टल में एकसाथ 17 गोली लोड हो जाती है। बताया जा रहा है कि शनिवार को अतीक और अशरफ हत्याकांड के दौरान 22 सेकेंड में 14 राउंड फायर किए गए थे। तुर्की में बनने वाली जिगाना मेड पिस्टल 5 से 6 लाख में आती है। भारत में बैन होने के कारण इसे दूसरे देश के रास्ते लाया जाता है।
हमीरपुर के कुरारा थाने में सनी सिंह के ऊपर 14 मुकदमे दर्ज हैं। 2016 में सनी ने पुलिस पर फायरिंग की थी। हमीरपुर जेल में कई साल सनी सिंह बंद था। इसी दौरान उसने कई खूंखार गैंगस्टर से रिश्ते बनाए। उसी समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश का खूंखार गैंगस्टर सुंदर भाटी भी जेल में बंद था। सूत्रों के मुताबिक, जेल में ही दोनों की मुलाकात हुई थी और जल्द ही सनी सिंह सुंदर भाटी का करीबी बन गया। सनी सुंदर भाटी गैंग के लिए काम करने लगा। बताया जा रहा है, जो विदेशी पिस्टल मिली है, वो सुंदर भाटी गैंग ने ही उसे उपलब्ध कराई थी।
सुंदर भाटी का इतिहास
ग्रेटर नोएडा के रिठोरी गांव निवासी नरेश भाटी का पढ़े-लिखे परिवार से था। परिवार वालों की मौत का बदला लेने के लिए नरेश क्राइम की दुनिया में उतर गया। उसका संपर्क गाजियाबाद के लोनी एरिया के नामी बदमाश सतबीर गुर्जर से हुआ। इसी गिरोह में ग्रेटर नोएडा के घंघोला निवासी सुंदर भाटी भी था। नरेश और सुंदर भाटी जल्द ही अच्छे दोस्त बन गए। दिल्ली सहित पश्चिमी यूपी में दोनों ने मिलकर हत्या, लूट और रंगदारी जैसी घटनाएं कीं।




