बाघ को बचाने की कोशिशों के बीच मप्र के पन्ना में दिखा क्रूर नजारा, बाघ को फांसी पर चढ़ाया

 पन्ना,(मध्य प्रदेश)। पन्ना के जंगल में एक भयानक घटना घटी है। टाइगर रिजर्व में एक बाघ का शव फंदे से लटका मिला है। इस घटना की जानकारी लगते ही वन अधिकारियों लगते ही पूरी टीम सकते में आ गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन सामने का नजारा देख सन्न रह गई। क्रूर शिकारियों ने बाघ को मारकर पेड़ से लटका दिया। कहा जा रहा है कि देश में किसी बाघ को फांसी लगाकर मारने की यह पहली घटना होगी। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ की टाइगर टीम और वरिष्ठ अधिकारी भी वहां पहुंच गए हैं। यह घटना की गंभीरता और गंभीरता को दर्शाता है।

2009 में, पन्ना जंगल से बाघ गायब हो गए। बाघों को पुनर्जीवित करने के लिए वहां बाघ पुनर्वास अभियान चलाया गया। यह दुनिया का पहला सफल मिशन था। इसको लेकर हड़कंप मच गया है। पिछले 13 सालों में पन्ना में बाघों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है। इस बाघ को किसने लटकाया यह सवाल अधिकारियों को परेशान कर रहा है। उत्तर वन प्रमंडल के पन्ना रेंज के अंतर्गत विक्रमपुर के तिलगावा बीट में बाघ का शव फंदे पर लटका मिला। विक्रमपुर नर्सरी के पास इस बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। दो साल के नर बाघ की मौत चिंता का विषय है। बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया है। इससे पन्ना के पूरे अभियान और उसके लिए किए जा रहे प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। पन्ना में 2009 में बाघ पूरी तरह से खत्म हो गए थे। बाघों की दुनिया को फिर आबाद करने के लिए टाइगर रिलोकेशन प्रोग्राम चलाया गया और दुनिया का सबसे सफल टाइगर रीलोकेशन प्रोग्राम रहा। पन्ना में बाघों की संख्या बढ़कर 70 से अधिक हो गई है, पर अब बाघ मरने लगे हैं।

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