आखिर नितिन गडकरी ने क्यों कहा, ‘किसी को इस्तेमाल कर फेंकना ठीक नहीं’

नेशनल डेस्क।  भाजपा संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद नितिन गडकरी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष को संसदीय बोर्ड से आखिर क्यों हटाया गया, इस सवाल का जवाब सभी ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। इन सबके बीच नितिन गडकरी का एक बयान भी सामने आया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि किसी को भी कभी भी इस्तेमाल करना और फेंकना नहीं चाहिए। अगर आपने किसी का हाथ थामा है तो अच्छे दिन हो या बुरे दिन हो, हमेशा उसे थामें रहें। गडकरी के इस बयान को हाल के घटनाक्रमों से जोड़ा जा रहा है। गडकरी नागपुर में उद्यमियों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रिचर्ड निक्सन के कथन का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि जब कोई व्यक्ति पराजित होता है तो खत्म नहीं होता लेकिन जब वह हार मान लेता है तो खत्म हो जाता है।

गडकरी ने यह भी कहा कि जो कोई भी व्यवसाय, सामाजिक कार्य या राजनीति में है, उसके लिए मानवीय संबंध सबसे बड़ी ताकत है। हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसदीय बोर्ड से हटाए जाने को लेकर चर्चा में रहे गडकरी ने कहा, ‘‘इसलिए, किसी को भी ‘इस्तेमाल करो फेको’ की दौर में नहीं शामिल होना चाहिए। अच्छे दिन हों या बुरे दिन, जब एक बार किसी का हाथ थाम लें, उसे थामें रहें। उगते सूरज की पूजा न करें।’’ गडकरी ने याद किया कि जब वह छात्र नेता थे, तब कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने उन्हें बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए कहा था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने श्रीकांत से कहा, मैं कुएं में कूदकर मर जाऊंगा, लेकिन कांग्रेस में शामिल नहीं होऊंगा, क्योंकि मुझे कांग्रेस की विचारधारा पसंद नहीं है।’’ गडकरी ने कहा कि युवा उद्यमियों को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आत्मकथा का वाक्य याद रखना चाहिए कि हारने पर आदमी का अंत नहीं होता है, लेकिन जब वह हार मान लेता है तो वह खत्म हो जाता है।

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