भोपाल में खुलेगा पशुओं के लिए ब्लड बैंक, सितंबर से शुरू करने की तैयारी
अब 'जानवर' भी दे सकेंगे खून! कुत्ते, बिल्ली, गाय, घोड़ा भी बनेंगे 'ब्लड डोनर'

भोपाल/मध्य प्रदेश। गाय, भैंस, कुत्ते, बिल्लियां भी अब अपना खून दान कर सकेंगे! जी हां, मप्र में जल्द ही पशुओं का पहला और देश का दूसरा ब्लड बैंक बनने जा रहा है। जरूरत पड़ने पर यहां स्वस्थ मवेशी और जानवरों का रक्तदान किया जा सकेगा और बीमार जानवरों को यह ब्लड लगाया जा सकेगा। देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग राजधानी भोपाल में प्रारंभ होगा।
केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशन में देश का पहला मप्र पशुओं का ब्लड बैंक मप्र के भोपाल में बनने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। स्टेट एनिमल हॉस्पिटल में यह ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा। बता दें कि सरकारी क्षेत्र में देश में यह दूसरा ब्लड बैंक होगा। पहला पशु ब्लड बैंक चेन्नई में स्थापित किया गया था। मवेशियों के लिए ब्लड डोनेशन की सुविधा देने का मप्र में यह पहला प्रयोग है। योजना के अनुसार आगामी अक्टूबर के आखिरी तक ब्लड बैंक प्रारंभ करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
जानकारी अनुसार मप्र का पहला एनिमल ब्लड बैंक गुरू अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी लुधियाना के पशु विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार हो रहा है। इसके लिए बकायदा ब्लड बैंक के लिए पूरी गाइड लाइन तैयार की गई है। प्रत्येक जानवर जो डोनर होगा और जिसको ब्लड लगेगा उसके लिए मापदण्ड तय होंगे। पशु पालकों को जानवरों का स्वैच्छिक रक्तदान कराने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
कौन-कौन जानवर रक्तदान कर सकेंगे
– 1 से 8 साल उम्र और 25 किलो वजन वाले डॉग
– 1 से 5 साल उम्र और 4 किलो वजन की बिल्लियां
– ऐसे पालतु मवेशी जो पूर्ण स्वस्थ्य हों
– जिन जानवरों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो
– कुत्ते हर 4-6 हफ्ते और बिल्लियाँ के लिए 8-12 हफ्ते रक्तदान कर सकते हैं
– गर्भवती गायें—भैंस रक्तदान नहीं कर सकेंगे
– केवल स्वस्थ दाता पशु ही रक्तदान कर पाएंगे
पहले छोटे जानवर, फिर बड़े जानवरों को सुविधा
राज्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों के अनुसार ब्लड बैंक को दो चरणों में पूर्ण रूप से प्रारंभ किया जाएगा। पहले चरण में छोटे जानवर जिनमें पालतु बिल्ली, डॉग, बकरी आदि को रक्तदान व रक्त की सुविधा मिल सकेगी। दूसरे चरण में बड़े जानवर जिनमें दुधारू गाय, भैंस सहित बैल, नंदी, घोड़े आदि को भी ब्लड की व्यवस्था की जाएगी।




