चोरी के शक में तीन युवकों को सरेआम मिली ‘भीड़ की सजा’, पहले पीटा फिर गले में तार डालकर घुमाया
छिंदवाड़ा के डब्ल्यूसीएल क्षेत्र में तार चोरी के शक में तीन युवकों को भीड़ ने पकड़कर बेरहमी से पीटा और उनके गले में तार डालकर पूरे इलाके में घुमाया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अब चोरी के आरोप और कानून हाथ में लेने वाले लोगों, दोनों की अलग-अलग जांच कर रही है।

छिंदवाड़ा/मध्य प्रदेश। जिले के इकलहरा स्थित डब्ल्यूसीएल क्षेत्र में चोरी के शक में तीन युवकों के साथ कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब एक ओर युवकों पर लगे चोरी के आरोपों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर कानून हाथ में लेकर मारपीट करने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है।
चांदामेटा थाना प्रभारी खेलचंद पटले ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार घटना दो दिन पुरानी है। स्थानीय लोगों ने तीन युवकों को कथित तौर पर तार चोरी के संदेह में पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और गले में तार डालकर पूरे इलाके में घुमाया।
वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक को चप्पलों, लात-घूंसों से पीटते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे युवक को थप्पड़ मारे जा रहे हैं। भीड़ तीनों युवकों को घेरकर चलती नजर आती है। मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव नहीं किया। वीडियो में सुरक्षा गार्ड भी घटनास्थल पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों युवकों को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या तीनों युवक वास्तव में तार चोरी की घटना में शामिल थे और क्या उनका क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से कोई संबंध है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह हो तो इसकी सूचना पुलिस को देना चाहिए। किसी के साथ मारपीट करना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जुलूस निकालना कानूनन अपराध है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि युवकों पर लगे चोरी के आरोप सही पाए जाते हैं तो उस मामले में भी अलग से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




