फतेहपुर में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष का आत्मदाह का प्रयास
पेट्रोल डाल आग लगाने से पहले पुलिस ने पकड़ा

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। बैनामा की भूमि पर पुलिस द्वारा भवन निर्माण रोके जाने से आहत व्यापारी नेता ने रविवार को दोपहर शरीर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया…। पुलिस कर्मियों व स्थानीय लोगों ने व्यापारी नेता के हाथ से माचिस छीन ली। जिससे वह आग नहीं लगा सका। व्यापारी नेता का आरोप है कि उसकी लाखों रुपये की पूंजी बैनामाशुदा भूमि पर लगी है, उसे जबरदस्ती विवादित बताकर परेशान किया जा रहा है। खबर पाकर एएसपी व एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ मौके पर जाकर जांच की।
किशुनपुर कस्बा के रहने वाले अनिल शुक्ला, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष हैं। उन्होंने एक भूमि नागा बाबा कुटी के सामने सड़क किनारे क्रय की है। व्यापारी नेता ने बताया कि बैनामाशुदा भूमि का दाखिल खारिज हो गया। उसके बाद उन्होंने वहां पर भवन निर्माण शुरू कराया। विगत 15 दिन से भवन निर्माण हो रहा है। जिसमें कस्बा निवासी कमल किशोर द्वारा विवादित भूमि बताकर शिकायत की जा रही है। आरोप लगाया कि शनिवार को पुलिस ने निर्माण रोक दिया था। उन्हें थाने में बुलाया गया तो वह पहुंच गए। दूसरे पक्ष से कोई व्यक्ति थाने नहीं आया। रविवार को उन्होंने पुन: निर्माण शुरू कराया। जिसमें दोपहर दो बजे पुलिस कर्मियों ने जाकर पुन: रोक लगा दी।
मौके पर एएसपी महेंद्र पाल सिंह, एसडीएम अभिनीत कुमार, नायब तहसीलदार ओमप्रकाश, थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम, पुलिस फोर्स व राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर गए। शिकायतकर्ता पक्ष को भी मौके पर अभिलेख समेत बुलाया गया। अधिकारियों ने वाद योजित तथा व्यापारी नेता की भूमि की पैमाइश कराई। एसडीएम अभिनीत कुमार ने बताया कि जिस भूमि पर निर्माण हो रहा है, उसमें जब तक स्टे नहीं होता है, निर्माण रोकने का आदेश देना नियम विरुद्ध है।
शिकायत कर्ता कमल किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि गाटा संख्या 1330 और 1331 में सरकारी बंटवारे का वाद दायर है, सिविल कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है, जिसमें दो अप्रैल की तारीख लगी है। विवादित भूमि के ही एक हिस्से में भवन निर्माण हो रहा है। जिसमें शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा रोक नहीं लगाई जा रही है। पैमाइश के समय खड़े रहकर क्या करते, जब हमारी बात वहां पर सुनी नहीं जा रही थी।




