मुझ पर राजद्रोह का केस करने की तैयारी: सोनम वांगचुक
जेल से नहीं डरता, लद्दाख के लिए जान देने को तैयार

श्रीनगर/एजेंसी। लद्दाख से सोनम वांगचुक का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उन्होंने ऐसा कुछ कहा है, जिसने हलचल मचा दी है। सोनम वांगचुग ने आत्मदाह की धमकी दी है। कहा जा रहा है कि वह इस वीडियों में लोगों को भी आत्मदाह करने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर सरकार लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं देती और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल नहीं करती तो वह खुद की जान भी दे सकते हैं।
हालांकि सोनम वांगचुक का यह वीडियो दो महीने पहले जारी हुआ था लेकिन अब यह वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग 15 साल की डोमिसाइल पॉलिसी से बहुत परेशान हैं। सूत्रों का कहना है कि लद्दाख को राज्य के दर्जे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं। यह भी आरोप लग रहा है कि सोनम वांगचुक के इस तरह के बयान का दुश्मन देश फायदा ले सकते हैं।
सोनम वांगचुक ने अपने यूट्यूब चैनल वीडियो पोस्ट किया है। कहा जा रहा है कि इसमें वह अरब स्प्रिंग जैसे आंदोलन की बात कर रहे हैं। केंद्र ने आरोप लगाया है कि वह अपने समर्थकों को तिब्बत की तरह आत्मदाह करने के लिए लगातार उकसा रहे हैं। सोनम वांगचुक ने फिर से विरोध और आंदोलन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि लेह अपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पूछना चाहिए कि क्या छठी अनुसूची या राज्य के दर्जे पर बात होगी।
सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर लेटर का कोई जवाब नहीं आता है तो साफ है कि केंद्र परिषद चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने तक मामले को टाल रही है। उन्होंने कहा कि छठवीं अनुसूची के बिना लद्दाख के आदिवासी त्रिपुरा की तरह अल्पसंख्यक हो जाएंगे, उसके बाद उनकी कोई नहीं सुनेगा। राज्य का दर्जा मिलने से लद्दाख को अपने फैसले लेने का अधिकार मिल जाएगा।
इधर सोनम वांगचुक और लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान समेत कई लोगों ने करगिल में एक विरोध रैली की। यह रैली तीन दिन की भूख हड़ताल के अंतिम दिन की गई। सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन को लद्दाख के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने दावा किया कि उनके ऊपर राजद्रोह का केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि जब वह खारदुंग ला पास पर माइनस 40 डिग्री में भूख हड़ताल पर बैठने से नहीं डरे तो जेल की धमकी क्या डरेंगे।
एलएपी और केडीए ने केंद्र सरकार के विरोध में मार्च निकाला। केडीए ने चेतावनी दी कि अगर उनके किसी सदस्य या सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया तो केंद्र सरकार को इसके गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। 2 जनवरी 2023 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख में प्रमुख मुद्दों को हल करने के लिए एक हाई लेवल कमिटी बनाई थी। 27 मई को पिछले दौर की बातचीत हुई। इसमें लद्दाख के लिए एक डोमिसाइल पॉलिसी पेश की गई। इस नीति के अनुसार 2019 से शुरू होने वाली 15 साल की पात्रता अवधि तय की गई थी।




