बीएससी नर्सिंग का छात्र सड़क किनारे खड़े होकर बेच रहा था स्मैक, कस्टमर बनकर पहुंची पुलिस

बरेली/उत्तर प्रदेश। स्पोर्ट्स बाइक, महंगे कपड़े व मोबाइल फोन का शौक को पूरा करने से वसीम के परिवार मना किया तो उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। स्मैक तस्करों से संपर्क कर उसने स्मैक बेचने का धंधा करना शुरू किया, मगर पुलिस के मुखबिर ने ग्राहक बनकर उसे गिरफ्तार करा दिया। उसके पास से 57 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। वसीम बीएससी नर्सिंग के तृतीय सेमेस्टर का छात्र है। अभी तक उसका कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं था मगर बारादरी थाने में उसके विरुद्ध पहली बार मादक पदार्थों की तस्करी का मुकदमा लिखा गया।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर ने सूचना दी कि सेटेलाइट पर एक युवक स्मैक बेचने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने मुखबिर को ग्राहक बनाकर भेजा और पांच ग्राम स्मैक की डील कराई। मुखबिर और ग्राहक में डील होते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम भोजीपुरा के अटामांडा चठिया जगन्नाथ निवासी वसीम बताया। कहा कि वह बीएससी नर्सिंग के तृतीय सेमेस्टर का छात्र है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता एक किसान हैं बड़ा भाई नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता है वह केवल दो ही भाई हैं।
वसीम का कहना था कि उसे स्पार्ट्स बाइक खरीदना चाहता था। पिता से कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद उसने खुद अपने रुपयों से बाइक खरीदने की योजना बनाई। इसलिए उसने शार्टकट से अधिक रुपये कमाने की योजना बनाई और स्मैक बेचनेे का काम शुरू कर दिया। पहली बार में ही उसे पुलिस ने सेटेलाइट बस अड्डे के पास से दबोच लिया। बता दें कि वसीम के विरुद्ध अभी तक कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं हैं। उसके विरुद्ध यह पहली प्राथमिकी लिखी गई है।




