आजमगढ़ के तरवा थाने में तोड़फोड़, कई पुलिसकर्मी घायल, 13 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज
कोतवाल अपनी जान बचाकर भागे

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र के उमरी निवासी सन्नी कुमार की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत के बाद हुए हंगामा, पुलिस पर पथराव व पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज किया है।जानकारी के अनुसार, पिछले महीने 31 मार्च को मृतक सन्नी कुमार को छेड़खानी के मुकदमे में पकड़कर लाया गया था। थाना परिसर के शौचालय में फांसी लगाकर मुत्यु हो जाने की घटना को लेकर आरोपी बलवन्त, महेश सोनी, अजय कुमार, मधुबन राम,चन्दन राम, राकेश यादव, रोहित कुमार, विशाल सिंह, मुकेश कुमार, संजय राम,महेश कुमार , जैकी, शिवम और 40 अज्ञात व्यक्तियो ने परमानपुर चौराहे पर लाठी, डण्डा और ईट पत्थर लेकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की, और चौराहे पर जाम लगा दिया। इसके चलते यातायात व्यवस्था पूर्णतः बाधित हो गया।
सूचना पर दस थाने की फोर्स और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे। द्वारा बलवाईयो को समझाते बुझाते व चेतवानी देते हुए इसे नियम विरुद्ध बताया। लेकिन प्रदर्शनकारी एकाएक उग्र होकर गाली गुप्ता व जान से मारने की धमकी देने लगें। हाथों में लिए लाठी, डण्डा, सरिया, ईट और पत्थर जान से मारने की नियत से हमला कर दिए। पुलिस बल पर पत्थरबाजी भी करने लगे। निरीक्षक प्रभारी मानीटरिंग सेल अखिलेश मौर्या से मारपीट कर गंम्भीर रूप से घायल कर दिए। इस हमले में उनका पैर टूट गया और अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस वाहन पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
किसी तरह वाहन में मौजूद प्रभारी निरीक्षक अपनी जान बचाकर भागे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन वे अपनी बेजा हरकत से बाज नहीं आ रहे थे। बाजार के तमाम दुकानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हल्का बल प्रयोग कर बलवाईयों को हटाया गया।




