जमानत दिलाते-दिलाते गाजियाबाद का वकील ही बन गया चेन स्‍नैचर

While helping a man get bail, Ghaziabad lawyer himself turned out to be a chain snatcher

  • गाजियाबाद में एक वकील बलराम को गिरफ्तार किया गया है
  • जिसने पिछले डेढ़ साल में 24 से अधिक महिलाओं की चेन लूटी हैं
  • बलराम के पास से लूटी हुई चेन, 32,900 रुपये और बरामद हुए हैं

गाजियाबाद। तेजी से अमीर बनने का सपना इतना घर कर गया कि लोगों को अपराध के लिए सजा दिलाने वाला वकील खुद ही अपराधी बन गया। इंदिरापुरम पुलिस ने शहर में महिलाओं की चेन लूटने वाले एक वकील को गिरफ्तार किया, जिसने पिछले डेढ़ सालों में 24 से अधिक लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी के पास से लूटी गई चेन, 32900 रुपये के अलावा केटीएम बाइक बरामद हुई है।आरोपी का दावा है कि वह दिल्ली की शाहदरा कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। कोर्ट में प्रैक्टिस के दौरान वह स्नैचर्स के केस लेकर उन्हें जमानत दिलाता था। जमानत दिलाते हुए उसे पता लगा कि लूटपाट में अधिक कमाई है, जिसके बाद वह खुद ही लूटपाट करने लगा। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच घटनाओं का खुलासा किया है। दावा है कि जल्द अन्य और भी वारदातों का खुलासा होगा।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती स्नैचिंग की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी बीच पता चला कि बदमाश केटीएम बाइक पर आते हैं और महिलाओं के गले से चेन लूटकर फरार हो जाते हैं। हाई स्पीड बाइक होने के कारण उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।
सोमवार रात कांवड़ मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने दिल्ली की ओर से आ रही केटीएम बाइक सवार दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज से मिलान करने पर दोनों बदमाश वही शातिर लुटेरे निकले। पकड़े गए बदमाश बलराम और शशि हैं, दोनों दिल्ली के नंद नगरी इलाके में रहते हैं। पूछताछ में पता चला कि दोनों शातिर स्नैचर हैं और पिछले लगभग डेढ़ साल से एनसीआर में स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दोनों ने इंदिरापुरम क्षेत्र में ही 24 से ज्यादा वारदातें करने की बात कही। स्नैचिंग में मिले माल को दोनों दिल्ली बॉर्डर पर जुलरी का काम करने वाले रवि सोनी को बेचते थे। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है। एसीपी ने बताया कि शशि बाइक चलाता था और बलराम पीछे बैठकर स्नैचिंग करता था।
एसीपी ने बताया कि बलराम गिरोह का सरगना है, वह एलएलबी ग्रेजुएट है। वह खुद को अधिवक्ता बताता है। उसके पास से रजिस्ट्रेशन का आई कार्ड भी मिला है। पूछताछ में बलराम ने बताया कि वह शाहदरा कोर्ट में प्रैक्टिस करता था, लेकिन ज्यादा कमाई नहीं होती थी। कोर्ट में वह अक्सर स्नैचर्स की जमानत करवाता था। स्नैचर्स से उसे पता चला कि इस धंधे में बहुत मुनाफा है। जिसके बाद वह खुद स्नैचिग करने लगा। इस काम में उसने शशि को अपने साथ मिलाया। शशि बाइक तेज चलाने का एक्सपर्ट है। डेढ़ साल से दोनों दिल्ली-एनसीआर में स्नैचिंग कर रहे थे। इंदिरापुरम में सबसे ज्यादा दोनों ने वारदातों को अंजाम दिया है। सूत्र बताते हैं कि पकड़े जाने के बाद दिल्ली क्षेत्र के कई अधिवक्ता उसे छुड़ाने के लिए इंदिरापुरम थाने पहुंच गए थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद वापस लौट गए।
पुलिस के अनुसार बलराम के फोन में कई लड़कियों के नंबर मिले हैं। बलराम पहले से शादीशुदा है। इसके बाद भी वह गर्लफ्रेंड रखता था। साथ ही वह लूटे के रुपयों से उन्हें महंगे गिफ्ट भी देता था। वहीं शशि आठवीं पास है। मोटे मुनाफे के लालच में वह बलराम के साथ वारदात करने लगा। स्नैचिंग के लिए ही बलराम ने केटीएम बाइक खरीदी थी। वारदात के दौरान वह बाइक की नंबर प्लेट हटा देता था। बरामद बाइक बलराम के नाम ही रजिस्टर्ड मिली है। जांच में यह भी पता चला है कि लूट के रुपयों से आरोपी बलराम ने हाल ही में एक थार कार भी बुक कराई थी।
पुलिस पूछताछ में बलराम ने बताया कि इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। महिलाएं काफी गहने पहनकर निकलती हैं। महिलाएं उनकी सॉफ्ट टारगेट होती थी, क्योंकि वह ज्यादा विरोध नहीं कर पातीं। अंधेरा होने के बाद दोनों इंदिरापुरम क्षेत्र के बैंक्विट हॉल और फार्म हाउस के आसपास घूमते थे। महिला को अकेला पाते ही वारदात कर देते थे। आरोपियों ने बताया कि अक्सर वह एक दिन में एक ही वारदात को अंजाम देते थे।

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