दिल्ली में पुश स्टार्ट कारें चोरी करने वाला गिरफ्तार

दुबई में बैठे टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट से तुड़वाता था सिक्योरिटी लॉक

नई दिल्ली। अनोखे तरीके से दुबई में बैठे तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से महंगी गाड़ियां चोरी करने वाले गिरोह के शातिर को मध्य जिले की एएटीएस की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपित पुश बटन से स्टार्ट होने वाली महंगी गाड़ियों को निशाना बनाते थे।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक फार्च्यूनर, दो क्रेटा और एक किआ सेल्टास कार बरामद की है। आरोपित की पहचान अमृतसर पंजाब के अमनदीप सिंह के रूप में हुई है, जो पहले भी नौ आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
उसे पुलिस टीम ने सौ किलोमीटर पीछा करने के बाद हरियाणा के मुरथल से दबोचा गया। पकड़े जाने के डर से आरोपित ने टोल पर फार्च्यूनर कार से पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की थी।
पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से हत्या के प्रयास सहित कार चोरी के कुल पांच मामले सुलझाने का दावा किया है और पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है। मध्य जिले के उपायुक्त निधिन वालसन के मुताबिक, 29 जुलाई को गिरधारी मार्ग, डीडीए फ्लैट्स, पांडव नगर के पास खड़ी एक इनोवा कार की चोरी की शिकायत थाना रंजीत नगर में दर्ज की गई थी।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और एसीपी सुलेखा जगरवार की देखरेख में इंस्पेक्टर रघुवीर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध अमनदीप सिंह की पहचान हुई, जिसके बारे में पता चला कि वह अमृतसर, पंजाब का एक कुख्यात अंतरराज्यीय वाहन चोर है।
इस दौरान 11 अगस्त की रात गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपित ने दिल्ली से फार्च्यूनर कार चोरी की है और उसे लेकर पंजाब की ओर जा रहा है। पुलिस टीम ने हरियाणा के मुरथल तक गाड़ी का पीछा किया। मूरथल टोल पर, जब पुलिस ने आरोपित को ओवरटेक करने की कोशिश की तो उसने चोरी की कार से पुलिसकर्मियों को कुचलने की काेशिश की और कुछ दूर भागने के बाद वाहन छोड़कर पास के खेतों में छिप गया, जहां से घंटों की तलाशी के बाद आखिरकार उसे दबोच लिया गया।
इस गिरोह का गाड़ियों चोरी करने का तरीका बिल्कुल अलग था। कारें चुराने से पहले, ये लोग ऑटोमैटिक और पुश-स्टार्ट लग्जरी कारों में लगे सुरक्षा सिस्टम को तोड़ देते थे। वह कार की रेकी करते थे और मौका देखकर उसके पिछले विंडस्क्रीन पर लगे होलोग्राम की तस्वीरें लेते थे, जिसमें गाड़ी में लगे सुरक्षा सिस्टम का एक खास कोड होता था।
यह तस्वीर जंगी एप के माध्यम से दुबई स्थित गिरोह के तकनीकी विशेषज्ञ को भेजी जाती थी। विशेषज्ञ सुरक्षा सिस्टम को अनलाॅक करता था, एक नया कोड जनरेट करता था और उसे वापस भेज देता था। इसके बाद आरोपित कार का शीशा तोड़ते थे और नए सुरक्षा कोड वाली मशीन से गाड़ी स्टार्ट करके फरार हो जाते थे।
आरोपित अमनदीप सिंह इस गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है। इस गिरोह में उसकी भूमिका दिल्ली से पंजाब तक चोरी की लग्जरी गाड़ियों को पहुंचाने का था। वह चोरी की फार्च्यूनर की आपूर्ति करने के लिए ही पंजाब जा रहा था तभी उसे पकड़ लिया गया। वह आदतन वाहन चोर है और दिल्ली भर में वाहन चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी के नौ आपराधिक मामलों में पहले भी शामिल रहा है।

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