‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से’ हरियाणा में 52 हजार बेटियों को मिला जीवनदान

चंडीगढ़/एजेंसी। हरियाणा से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना से 52 हजार बेटियों को जीवनदान मिला है। हालांकि हरियाणा में अभी भी कई जिलों में लिंगानुपात की स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि हरियाणा ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत के बाद से अब तक कन्या भ्रूण हत्या के 52,000 मामलों को सफलतापूर्वक रोका है। डॉ. अनुपमा ने हरियाणा के नए सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय हितधारकों की बैठक में अभियान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्घाटन 22 जनवरी, 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। बैठक में निर्णय लिया गया कि एमटीपी किटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी अनुमोदित एमटीपी केंद्रों का ऑडिट किया जाएगा। राज्य मुख्यालय नियमित आधार पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के साथ मासिक बैठक आयोजित करेगा।
डॉ. अनुपमा ने राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात (916) में उल्लेखनीय सुधार का श्रेय निरंतर और सतर्क निगरानी को दिया। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अभी भी पांच जिले ऐसे हैं जहां लिंगानुपात 900 से कम है – रोहतक (883), नारनौल (887), सोनीपत (894), चरखी दादरी (897) और रेवाड़ी (897)। डॉ. अनुपमा ने कार्यक्रम को और मजबूत करने के लिए निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए एमटीपी किट की ऑनलाइन और बगैर पर्ची के बिक्री पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में लिए ये गए ये फैसले उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों की चेकिंग की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और शिक्षा विभाग मिलकर निगरानी की योजना तैयार करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी अनुपमा की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई।

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