फर्रुखाबाद में चार दिन से लापता बच्चे का खेत में मिला शव, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका

फर्रुखाबाद/उत्तर प्रदेश। चार दिन से लापता जिस दस वर्षीय बालक के लौट आने की आस में घरवाले दरवाजे-दरवाजे दस्तक दे रहे थे, उसी का शव खेत में पड़े मिलने की सूचना ने लोगों को रविवार सुबह झकझोर दिया। सिर पर वजनदार हथियार से की गई चोट ने यह साफ कर दिया कि यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि बेहद नृशंस अपराध है। ग्रामीणों में भूमि विवाद के बालक की हत्या की आशंका की चर्चा रही। गांव कोरीखेड़ा निवासी चंद्रप्रकाश गुप्ता का बेटा अंशू दस दिसंबर की शाम साथियों के साथ खेलने निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। रात भर खोजबीन हुई, अगले दिन पुलिस को सूचना दी गई। 11 दिसंबर को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। 13 दिसंबर को पुलिस की ओर से जनपद कन्नौज से डाग स्क्वायड जैकी की मदद से बालक अंशू का सुराग लगाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। हर गुजरते दिन के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ रही थी।
रविवार सुबह गांव कोठी बाजार निवासी रंजीत शाक्य के आलू के खेत में सिंचाई करने पहुंचे नीलेश ने खेत में पड़ा एक कोट देखा। शंका होने पर जब स्वजन को बुलाया गया, तो कुछ ही दूरी पर सिंचाई के पानी की नाली में अंशू का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर पिता चंद्रप्रकाश और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम पसर गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा व अमरपाल सिंह, थानाध्यक्ष राजेश राय मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम में सिर में गंभीर चोट और हड्डी टूटने से मौत की बात बताई गई। ग्रामीणों की ओर से आशंका जताई जा रही है कि भूमि विवाद की पुरानी रंजिश में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियातन मोहम्मदाबाद, नवाबगंज, कमालगंज सहित कई थानों का पुलिस बल, पीएसी और क्विक रिस्पांस टीम मौके पर तैनात की गई। पुलिस ने पहले दर्ज अपहरण के मुकदमे को हत्या में तरमीम करने की तैयारी शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना के राजफाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।




