जुर्माना न भरने पर 15 महीने और जेल में काटने पड़ते, कैदी के लिए देवदूत बने शाहजहांपुर के जेल अधीक्षक

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर जिला कारागार में दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहा 32 साल का कैदी 15 महीने की अतिरिक्त सजा काटने से बच गया। गरीबी के कारण वह जुर्माने के पैसे नहीं जमा कर पा रहा था। परिजनों ने भी उसे भुला दिया था। उसके अच्छे आचरण से प्रभावित होकर जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने खुद पांच हजार रुपये दिए। लखनऊ की एक संस्था ने भी 10 हजार की मदद की। 15 हजार रुपये का पूरा जुर्माना जमा करने के बाद कैदी को रिहा कर दिया गया।
रोजा थाना निवासी चाइना दुष्कर्म के आरोप में 10 साल की सजा काट रहा था। उस पर 15 हजार का जुर्माना भी लगाया गया था। सजा पूरी होने के बाद जुर्माना भरने की उसकी आर्थिक स्थिति नहीं थी। उसके परिवार से भी जेल में कोई मिलने नहीं आता था। जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर उसे 15 महीने तक जेल में और सजा काटनी पड़ती। ऐसे में जेल अधीक्षक को उसने अपना दर्द सुनाया। उन्होंने पांच हजार की मदद खुद की। इसके साथ लखनऊ की संस्था से 10 हजार रुपए का सहयोग से धनराशि जमा करवा दी।
राशि जमा होने के बाद चाइना को जेल से आजादी मिल गई। चाईना ने जेल के अधिकारियों को बताया कि उसके गांव में मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन उसके ऊपर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया गया। पैरवी के अभाव में उसे 10 साल की सजा हो गई थी। इसके साथ 15 हजार का जुर्माना भी लगाया गया था। इसे न भरने पर 15 महीने की कैद और बढ़ जाती। जेल से निकलते वक्‍त चाइना ने जेल अधीक्षक मिजाजी लाल के पैर छुए।

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