फतेहपुर में 185 साल पुरानी नूरी मस्जिद का एक हिस्सा गिराया, 300 मीटर की दुकानें बंद,भारी फोर्स तैनात

A part of 185 year old Noori Masjid demolished in Fatehpur, shops within 300 meters closed, heavy force deployed

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आ रही 185 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद का 22 फीट निर्माण मंगलवार को ढहा दिया गया। ढहाने की कार्रवाई 6 घंटे तक चली। इस दौरान पोकलैंड और जेसीबी की कई मशीनें लगी रहीं। प्रशासन की ओर से इसे अवैध निर्माण बताते हुए 17 अगस्त को नोटिस दिया गया था। मस्जिद के मुतवल्ली ने इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इस मामले की 13 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
जिले के ललौली कस्बा स्थित नूरी जामा मस्जिद ढहाने की कार्रवाई को लेकर एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एडिशनल एसपी विजय शंकर मिश्र, एसडीएम सदर प्रदीप कुमार रमन, पीडब्ल्यूडी के एक्ससईएन एके गुप्ता समेत अन्य अधिकारी सुबह आठ बजे पहुंच गए थे। फोर्स ने करीब 300 मीटर इलाके की घेराबंदी कर दी। दुकानें बंद करा दी गईं और आवागमन बंद करा दिया गया। सड़क की ओर आने वाले मस्जिद के हिस्से को पहले जेसीबी से ढहाया गया। इसके बाद ऊंचाई के हिस्से को ढहाने के लिए पोकलैंड मशीन की मदद ली गई। बाद में इसका मलबा उठाकर दूर फेंकवा दिया गया।
रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस ने सुबह से ही मस्जिद क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस की सख्ती के कारण कस्बे के लोग बाहर गलियों में नहीं दिखे। कार्रवाई में मस्जिद का एसी, पंखा और सोलर पैनल समेत कई उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करीब 70 फीट में मस्जिद का निर्माण कराया गया था, जिसमें से करीब 22 फीट निर्माण ढहा दिया गया। यह सड़क के बीच से 12 मीटर (40 फीट) की जद में आने वाला हिस्सा है।
एसडीएम ने बताया कि नूरी मस्जिद प्रबंधन ने बीते तीन साल में अवैध निर्माण कराया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 17 अगस्त को इसके लिए नोटिस दिया गया था। विभाग 24 सितंबर को अतिक्रमण हटा रहा था। तब मस्जिद प्रबंधन ने खुद निर्माण ढहाने की बात कही थी, लेकिन निर्माण ढहाया नहीं गया। मामले को लेकर हाईकोर्ट इलाहाबाद का कोई आदेश सामने नहीं आया है।

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