Kashmir में Tulip Garden की खूबसूरती को निहारने के लिए देशभर से उमड़ रहे हैं पर्यटक

श्रीनगर,(एजेंसी)।  यदि आप ठंडे मौसम और प्राकृतिक नजारों का मजा लेना चाहते हैं तो कश्मीर से बेहतर जगह कोई नहीं हो सकती। कश्मीर में इस समय जहां हल्की फुल्की बारिश हो रही है वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार नजर आ रहे हैं। ऐसे मौसम में जो भी पर्यटक यहां आ रहे हैं वह यहां के माहौल में बस खो जा रहे हैं। खासतौर पर श्रीनगर में स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरती को तो हर कोई बस निहारता ही रह जा रहा है। हम आपको बता दें कि ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरती फूलों के खिलने के साथ पूरे शबाब पर है और इसके खुलने के 10 दिन के भीतर ही करीब डेढ़ लाख लोग इस खूबसूरती को निहार चुके हैं।

श्रीनगर की मशहूर डल झील और ज़बरवान हिल्स के बीच स्थित 52.5 हेक्टेयर में फैला इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन रंगबिरंगा दृश्य पेश कर रहा है। इसमें अलग-अलग रंग के 16 लाख ट्यूलिप के फूल और 68 किस्में खिली हैं। ट्यूलिप गार्डन के प्रभारी इनाम-उल-रहमान ने कहा कि अब तक आए ज्यादातर आंगतुक राज्य के बाहर के पर्यटक हैं। रहमान ने बताया, ”लगभग 1.35 लाख आगंतुक अब तक इस गार्डन के मनोरम दृश्य को निहारने आ चुके हैं। उनमें से तकरीबन 70 प्रतिशत केंद्र शासित प्रदेश के बाहर से हैं।” हम आपको बता दें कि पिछले साल 3.60 लाख आंगतुक गार्डन की खूबसूरती निहारने आए थे। बाग को जनता के लिए खोलने के बाद यह सबसे अधिक संख्या थी। रहमान ने कहा कि बाग का प्रबंधन करने वाले पुष्पकृषि विभाग को इस साल भी बड़ी संख्या में आंगतुकों के आने की उम्मीद है।

हम आपको बता दें कि बाग में 16 लाख ट्यूलिप के अलावा, हायसिंथ (जलकुंभी की एक प्रजाति), डैफेडिल और साइक्लेमेन जैसे वसंत के फूल भी हैं। इस साल ट्यूलिप की चार नई किस्मों को शामिल किया गया है। इसके बाद कुल किस्में 68 हो गई हैं। बाग में शाम के लिए सजावटी रोशनी की व्यवस्था भी की गयी है क्योंकि कई पर्यटक देर शाम तक बाग में रुकते हैं। हम आपको बता दें कि इसे सिराज बाग के तौर पर भी जाना जाता है। पर्यटकों से जब बातचीत की गयी तो कुछ ने कहा कि उन्हें इस बाग से मोहब्बत हो गई है तो वहीं कुछ अन्य ने कहा कि यह अद्भुत अनुभव रहा है क्योंकि मौसम ठंडा है और बारिश ने मजा और बढ़ा दिया है। कुछ पर्यटकों ने यह भी कहा कि वह ऐसे वक्त में यहां आकर अपने आप को भाग्यशाली मान रहे हैं जब ट्यूलिप पूरी तरह से खिले हैं।

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