भारतीय स्कीट निशानेबाजों को मिलेगी कड़ी चुनौती, अनुभवी खिलाड़ियों का करना होगा सामना

टैंगियेर। भारत के स्कीट निशानेबाजों को शुक्रवार से शुरू होने वाले सत्र के पहले आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप के शुरुआती दिन कई मंझे हुए खिलाड़ियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनके लिए पदक हासिल करना आसान नहीं होगा। इस प्रतियोगिता में कई चोटी के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के पहले दिन की शुरुआत पुरुष और महिला दोनों वर्ग में 75 निशानों के साथ होगी। बाकी 50 निशाने और फाइनल रविवार को होगा।
भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अधिकतम छह खिलाड़ियों को रखने का कोटा पूरा किया है। इसके साथ ही पुरुष और महिला दोनों वर्गों में दो-दो ऐसे निशानेबाज भी शामिल हैं, जो केवल रैंकिंग अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। महिला वर्ग में कई स्टार खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें चिली की मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन फ्रांसिस्का क्रोवेटो चादिद और अमेरिका की विश्व चैंपियन सामंथा सिमोंटन भी शामिल हैं।
इटली की दो बार की ओलिंपिक और विश्व चैंपियन डायना बाकोसी भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। उनके अलावा अमेरिका की पूर्व विश्व चैंपियन दानिया जो विज्जी और कजाकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता असीम ओरिनबे प्रतिस्पर्धा को कड़ा बना देती हैं।
भारतीय टीम में ओलंपियन माहेश्वरी चौहान और दोनों बहनें दर्शना राठौर और यशस्वी राठौर शामिल हैं। भारत की तरफ से अरीबा खान और मानसी रघुवंशी भी रैंकिंग अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। पुरुष वर्ग में भारत की उम्मीदें अनुभवी मान सिंह और परम्पल सिंह गुरोन के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया पर टिकी होंगी। सुखबीर सिंह हरिका और जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन हरमेहर सिंह लल्ली रैंकिंग अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।




