गैंगस्टर टिल्लू की हत्या के बाद तिहाड़ में गैंगवॉर और सीरियल किलिंग की आशंका, 35 कैदी हिट लिस्ट में

  • तिहाड़ जेल में बंद हाई प्रोफाइल कैदियों पर हमले की आशंका जताई गई है
  • इंटेलिजेंस और मुखबिरों से पता चला है कि गैंगस्टरों की लिस्ट में 35 कैदी हैं
  • जेल प्रशासन के लिए मई और जून के महीने काफी चुनौती भरे रहने वाले हैं
नई दिल्ली:तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू की हत्या के बाद यहां बंद 35 गैंगस्टर और हाई प्रोफाइल कैदियों पर खतरा मंडराने लगा है। इंटेलिजेंस और मुखबिरों से इनपुट लेकर ऐसे कैदियों की जेल प्रशासन ने एक लिस्ट तैयार की है। इसमें 35 कैदियों पर कातिलाना हमले की आशंका है। सूत्रों का मानना है कि टिल्लू के मर्डर के बाद अब दूसरा गैंग भी जवाब देने की ताक में है। लिस्ट में वे चार कैदी भी शामिल हैं, जिन्होंने तिहाड़ की जेल नंबर-8/9 में दो मई की सुबह टिल्लू की हत्या कर दी थी। जेल प्रशासन मई और जून के महीने को चुनौती भरा मान रहा है, जिसमें जेल के अंदर सीरियल किलिंग तक भी होने का खतरा है।

कमांड न मिलने के कारण टीएसपी के जवानों ने नहीं की कार्रवाई

टिल्लू की हत्या के वक्त टीएसपी के जवान बीच-बचाव के लिए क्यों नहीं आए? इसके जवाब में टीएसपी के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि वहां तैनात टीएसपी के जवान कमांड का इंतजार करते रहे। जो इनके एसआई इंचार्ज राजागोपाल को देनी चाहिए थी। जवानों के कदम न उठाने के पीछे एक और बड़ा कारण इनका जेल में कम तजुर्बा होना भी बताया गया है। पता लगा है कि छह जवान तमिलनाडु पुलिस में 2021 में भर्ती हुए थे और 2022 के नवंबर-दिसंबर में तिहाड़ जेल में तैनात हुए थे। यह अपने इंचार्ज के आदेश का इंतजार करते रहे और इंचार्ज ने कोई आदेश नहीं दिया। टीएसपी ने घटना में मिलीभगत से इनकार किया।

एक हज़ार गैंगस्टर और इनके गुर्गों की शिफ्टिंग शुरू

तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर और इनके गुर्गों की शिफ्टिंग शुरू कर दी गई है। ऐसे कैदियों की संख्या करीब एक हजार बताई गई है। छोटे-बड़े करीब 70 गैंगों का पता लगा है। जिन्हें अलग-अलग रखने की जरूरत है। क्षमता से अधिक कैदी के मामले को भी हल करने का प्रयास किया जा रहा है। तिहाड़ जेल में आने वाले कैदियों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस को भी शामिल किया जाएगा। इससे जेल में आने के बाद ऐसे कैदियों को उसी के गैंग के साथ रखा जाएगा।

32 क्यूआरटी होंगी तैनात

तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि तिहाड़ की नौ, रोहिणी की एक और मंडोली की छह जेलों के लिए 32 क्यूआरटी तैनात की जा रही हैं। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। इसमें से 20 से अधिक क्यूआरटी तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की होंगी बाकी आईटीबीपी और सीआरपीएफ की होंगी। फिलहाल जब तक जेल मैनुअल में संशोधन नहीं किया जाता, तब तक क्यूआरटी कैदियों के बीच बिना हथियार के तैनात की जाएगी। इन्हें पेपर स्प्रे, इलेक्ट्रिक बैटन, स्पेशल प्रोटेक्शन ड्रेस जैसे साजो-सामान दिए जाएंगे। इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कराई जा रही है।

गैंगस्टरों को नगालैंड की जेलों में भेजने को कोशिश

तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि जेलों में जितने भी गैंगस्टर और इनके खास गुर्गे हैं, कोशिश की जा रही है कि इन्हें नगालैंड की जेलों में शिफ्ट कर दिया जाए। फिलहाल इस तरह का कोई नियम नहीं है। लेकिन, प्रशासन संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रस्ताव रखेगा।

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