बागेश्वर सरकार के बाद बिहार में ‘कंबल वाले बाबा’, बक्सर में लगा दरबार

बक्सर,(बिहार)। बागेश्वर धाम सरकार आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के दरबार लगाने के बाद कंबल वाले बाबा की शिविर बक्सर में लगी। इसके माध्यम से असाध्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का स्वास्थ्य लाभ बांटने का काम किया गया। जटिल बीमारियों को चंद सेकंड में ठीक करने का दावा करते हैं। काफी संख्या में लोग भी पहुंचते हैं। काली कमली कंबल वाले बाबा के नाम से मशहूर हैं।
बक्सर के पिपराढ़ गांव में कंबल वाले बाबा सिर पर काली कमली बांध कर पहुंचे। लाइलाज बीमारियों का इलाज कराने के लिए शुक्रवार की शाम से लोग बिहार, यूपी और कर्नाटक के विभिन्न जिले से पहुंचे। पिपराढ़ गांव में चल रहे चातुर्मास यज्ञ के दौरान लक्ष्मी नारायण त्रिदंडी स्वामी गंगा पुत्र के विशेष आग्रह पर शनिवार को एक दिवसीय कंबल वाले बाबा की शिविर लगी।
बाबा नहीं, काली कंबल में चमत्कार!
कंबल वाले बाबा दावा करते हैं कि अपने कंबल के जादू से लकवा, पोलियो, कैंसर सहित हजारों बीमारियों को ठीक कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा असली नाम गणेश गुर्जर है। चार साल की उम्र में देवी के आशीर्वाद के रूप में ये कंबल मिला है। तभी से कंबल वाले बाबा के नाम से मशहूर हो गया हूं। इस चमत्कारी कंबल से सभी लाइलाज बीमारी का इलाज होता है।
लकवा, पोलियो, बीपी, शुगर के इलाज का दावा
काली कमली बांधे कंबल वाले बाबा का दावा है कि लकवा, पोलियो, बीपी, शुगर कोई भी मानव शरीर का रोग इस कंबल के चमत्कार से ठीक होता है। पिपराढ़ में उन्होंने दावा किया कि जहां विज्ञान समाप्त होता है, वहां से आध्यात्म शुरू होती है और ये शिविर भी उसी की देन है।

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