यूपी में दो दरोगा भाइयों सहित तीन पर ठगी का मुकदमा दर्ज

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। कानपुर के गोविंदनगर थाने में तैनात दारोगा, उनके सगे भाई गोमतीनगर विस्तार में तैनात दारोगा सहित तीन लोगों के खिलाफ चिनहट थाने में पांच लाख रुपये हड़पने और धमकाने का केस दर्ज किया गया है। एफआईआर पीटीसी मुरादाबाद में तैनात दारोगा ने कोर्ट की मदद से लिखाई है। पीड़ित से आरोपियों ने भवन निर्माण सामग्री के नाम पर 5 लाख रुपये लिए थे।
चिनहट अवधपुरी खंड-2 निवासी दारोगा सावल प्रसाद मौजूदा समय में मुरादाबाद पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में तैनात है। उनके मुताबिक वर्ष 2018-19 में वो चिनहट थाने में तैनात थे। उस वक्त चिनहट की एल्डिको चौकी में दारोगा भूटान सिंह नियुक्त थे, जो मौजूदा समय में कानपुर के गोविंदनगर थाने में कार्यरत हैं।
दारोगा सावल प्रसाद के अनुसार उनके पिता सेवानिवृत्त होने के बाद बस्ती जनपद में अपना मकान बनवा रहे थे। उस वक्त दारोगा भूटान सिंह ने अंबेडकरनगर जनपद के रहने वाले शैलेंद्र सिंह को अपना रिश्तेदार और निर्माण सामग्री कारोबारी बताया। भूटान सिंह ने सस्ते दाम में बिल्डिंग मटेरियल दिलाने की बात कही थी। उनकी बातों में आकर दारोगा सावल प्रसाद और उनके पिता ने कई बार में भूटान सिंह और उनके रिश्तेदार शैलेंद्र सिंह को पांच लाख रुपये दिए थे।
आरोप है कि रुपये देने के बावजूद उनको निर्माण सामग्री नहीं मिली। उन्होंने कई बार दारोगा भूटान सिंह से इस बारे में कहा तो वह टालमटोल करने लगे। खुद को फंसता देख दारोगा भूटान सिंह ने अपने ही रिश्तेदार शैलेंद्र सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में चिनहट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया ताकि पीड़ित दारोगा सावल प्रसाद उन पर दबाव न बना सके। 5 सितंबर 2021 को पीड़ित दारोगा सावल प्रसाद सदर तहसील गए थे। वहां पर उनकी मुलाकात आरोपी दारोगा भूटान सिंह और उनके भाई दारोगा नेपाल सिंह से हुई। तब उन्होंने दोनों से अपने दिए गए रुपये वापस मांगे तो दोनों भाइयों ने उनको जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने इसके बाद पुलिस के अधिकारियों से शिकायत की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अंत में पीड़ित दारोगा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर 24 मार्च को दारोगा भूटान सिंह, उनके भाई दारोगा नेपाल सिंह और रिश्तेदार शैलेंद्र सिंह के खिलाफ चिनहट थाने में केस दर्ज किया गया। पीड़ित का आरोप है कि दारोगा भूटान सिंह के खिलाफ अयोध्या के कैंट थाने में वर्ष 2019 में लूट, उनके भाई दारोगा नेपाल सिंह के खिलाफ अलीगंज थाने में वर्ष 2018 में आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में और आरोपी शैलेंद्र के खिलाफ अंबेडकरनगर जिले में 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
ठगी का शिकार हुए दारोगा संवाल प्रसाद के दामन पर भी पहले से दाग लगे हैं। बीते साल 9 फरवरी को उनके खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एक बाइक एजेंसी संचालक दुर्गेश सोनी से चार लाख रुपये रिश्वत लेने और धमकाने का केस दर्ज किया गया था। उस वक्त वह ईओडब्ल्यू में तैनात थे और शाइन सिटी कंपनी के खिलाफ दर्ज 18 मुकदमों की विवेचना कर रहे थे।

 

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