एक्शन में दिल्ली पुलिस कमिश्नर, रिश्वतखोरी में सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ पर गिरी गाज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार तेजी से पनपते जा रहा है। दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट और सीबीआई के पास पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत मांगने और लेने की शिकायत पहुंचने पर ये एजेंसियां आए दिन पुलिसकर्मियों को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर रही हैं। ताजा मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तरी रोहिणी थाने में तैनात दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह के निर्देश पर आला अधिकारी ने सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह के अलावा उत्तरी रोहिणी थाने के एसएचओ खालिद हुसैन को भी निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
खालिद हुसैन 1996 बैच के इंस्पेक्टर हैं। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी तैनात तुगलक रोड थाने में थी। वहां से एक सप्ताह बाद ही उन्हें हटा दिया गया था। पुलिस अधिकारी का कहना है इंस्पेक्टरों पर तीन साल ही एसएचओ बने रहने की पाबंदी लगाने से ही भ्रष्टाचार तेजी से पनपते जा रहा है। इंस्पेक्टर खालिद करीब छह माह ही एसएचओ पर रहे। पुलिस अधिकारी का कहना है कि तीन साल की पाबंदी लगाने के कारण ही एसएचओ इलाके की कानून व्यवस्था को सुधारने के बजाए दूसरे अन्य कामों में लगे रहते हैं। इस पाबंदी को हटाने पर ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लग पाएगा।
चार साल पहले इस तरह का नियम बनाने के बाद से ही दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार तेजी से पनपा है। पांच अगस्त को एक व्यक्ति ने सीबीआई में शिकायत कर आरोप लगाया नार्थ रोहिणी थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर विजय सिंह उनके चचेरे भाई को गिरफ्तार न करने और अग्रिम जमानत दिलाने में मदद करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है।
बातचीत के बाद सब इंस्पेक्टर 40 हजार रुपये लेने के लिए सहमत हो गया। इनकी शिकायत पर केस दर्ज कर सीबीआई ने पांच अगस्त को शिकायतकर्ता से 40 हजार रिश्वत लेते पकड़ लिया। एसआई विजय सिंह एसएचओ खालिद हुसैन का करीबी बताया जा रहा है।

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