काला मुंह, पीला शरीर, कोबरा की तरह फुफकार, अनाज की टंकी के नीचे छिपा था रजतवंशी सांप

फतेहाबाद,(हरियाणा)। फतेहाबद जिले में सांपों का मिलना लगातार जारी है। आज स्नेक मैन की टीम को फतेहाबाद क्षेत्र में वह सांप मिला, जो हरियाणा अति दुर्लभ माना जाता है और अब तक इस सांप को पकडऩे के मात्र एक-दो केस ही सामने आए हैं। गांव सूलीखेड़ा में एक ग्रामीण के घर से ब्लैक हेडेड रॉयल (काले सिर वाला) सांप पकड़ा गया है। आम बोल चाल की भाषा में इसे रजतवंशी सांप भी कहा जाता है। यह रैट स्नेक की तरह बहुत लंबा हो जाता है, जिससे लोग इस सांप से डर जाते हैं। लेकिन इस सांप से डरने वाली बात नहीं क्योंकि इसमें जहर नहीं होता।
अनाज की टंकी में छिपा था सांप
यह सांप गुरुवार को फतेहाबाद के भट्टू क्षेत्र के गांव सूलीखेड़ा में दयानंद बेनीवाल के घर निकल आया। परिवार वालों ने इसकी सूचना स्नेक मैन पवन जोगपाल व लवली की टीम को दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और सांप की खोज शुरू की। बाद में सांप मकान के कमरे में रखी अनाज की टंकी के नीचे छिपा हुआ मिला। जिसे रेस्क्यू कर खुले स्थान पर छोड़ दिया गया।
कोबरा की तरह फुंकारता है ये सांप
पवन जोगपाल ने बताया कि सांप की खासियत यह है कि यह कोबरा की भांति बेहद फुर्तीला, लंबा और खतरनाक प्रतीत होता है। लेकिन असल में यह बिना जहर वाले सांपों की प्रजाति का सांप है। यह सांप भी कोबरा की भांति खतरा भांप कर फूंकारना शुरू कर देता है, लेकिन इसमें जहर नहीं होता।
सांप की लंबाई भी 8 से 9 फीट
उन्होंने बताया कि यह सांप अधिकतर राजस्थान के क्षेत्र में ही मिलता है, हरियाणा में बेहद कम इस सांप को देखा गया है, चूंकि भट्टू क्षेत्र राजस्थान की सीमा के साथ लगता है, इसलिए यह सांप यहां देखने को मिला। उन्होंने बताया कि इस सांप का शरीर कोबरा की तरह लंबा, काला सिर, ऊपर से शरीर पर धब्बे और नीचे से गुलाबी रंग होता है। इस सांप की लंबाई भी 8 से 9 फीट हो सकती है। पकड़ा गया सांप 6 फीट से ज्यादा लंबा था।




