दिल्ली की 150 प्राइवेट स्कूलों को एलजी ने दी नियमित करने की मंजूरी

हजारों स्टूडेंट्स के लिए राहत

नई दिल्ली/एजेंसी। अनऑथराइज्ड कॉलोनियों के 150 प्राइवेट स्कूलों को नियमित करने की मंजूरी उपराज्यपाल ने दे दी है। इससे स्कूलों के साथ-साथ इन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों स्टूडेंट्स को राहत मिली है। 20 दिसंबर को उपराज्यपाल ने प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल्स और टीचर्स के साथ संवाद कार्यक्रम रखा था, जहां यह मुद्दा स्कूलों की ओर से उठाया गया था।एलजी के फैसले के बाद ये स्कूल कानूनी रूप से चल सकेंगे, साथ ही सेकंडरी/हायर सेकंडरी स्तर तक विस्तार भी हो सकेगा। अब तक, इन स्कूलों के स्टूडेंट्स अलग-अलग स्कूलों से बोर्ड एग्जाम देते थे, इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था और अतिरिक्त फीस भी देनी पड़ती थी। स्कूल 1 जनवरी 2006 से पहले चल रहे थे।
अनधिकृत कॉलोनियों के 150 प्राइवेट अनऐडेड स्कूलों को राहत देते हुए सोमवार को उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने उन्हें नियमित करने की मंजूरी दी, बशर्ते सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। ये स्कूल वहां बने हैं, जहां सड़क 6 मीटर या इससे ऊपर है। ये स्कूल नरेला, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, नजफगढ़, संगम विहार, असोला, नाथूपुरा, देवली, बदरपुर, श्याम विहार, भगत विहार, मुंडका समेत कुछ और इलाकों की अनऑथराइज्ड कॉलोनियों में हैं।
एलजी ऑफिस की ओर से बताया गया कि इन इलाकों में ज्यादातर स्टूडेंट्स इकनॉमिकली वीकर सेक्शन से हैं और ये स्कूल कई सालों से नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं और शिक्षा निदेशालय, एमसीडी और डीडीए से प्रताड़ित हो रहे थे। राजनिवास में हुए संवाद कार्यक्रम के बाद एलजी ने स्कूलों से वादा किया था कि मामले को जल्द हल कर लिया जाएगा।
एलजी ने स्कूलों का नियमितीकरण का निर्देश देते हुए कहा है कि बिल्डिंग बाइलॉज, फायर सेफ्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियमों के प्रावधानों को देखते हुए ही इसे लागू किया जाए। एलजी ने इससे पहले इस मामले पर चीफ सेक्रेटरी- एजुकेशन डिपार्टमेंट, एमसीडी और डीडीए के अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन स्कूलों और उनके स्टूडेंट्स को होने वाली कठिनाई पर चर्चा की गई थी। एलजी ऑफिस की ओर से यह भी कहा गया कि यह ध्यान दिया जा सकता है कि विशेष रूप से दिल्ली के वंचित इलाकों में हजारों स्टूडेंट्स वाले ऐसे प्राइवेट स्कूलों का अस्तित्व, ‘शिक्षा मॉडल’ और सरकारी स्कूलों की सफलता के बारे में दिल्ली सरकार के दावों से अलग है।

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