पूजा के बाद दी गई रेबीज संक्रमित बकरे की बलि, 400 लोगों ने खाया मांस, पूरे गांव में अब दहशत का माहौल

अंबिकापुर/छत्तीसगढ़। अंबिकापुर जिले में अनोखा मामला सामने आया है। यहां के सरगंवा गांव में पूजा के दौरान के कुत्ते ने बकरे को काट लिया। कुत्ता रैबीज संक्रमित था। जिस बकरे को कुत्ते ने काटा था उसकी पूजा के दौरान बलि दी गई थी। उसके बाद उस पूजा में शामिल में करीब 400 लोगों ने उस बकरे का मांस खाया था। ग्रामीणों ने कहा कि बकरे के मांस को पकाकर प्रसाद के तौर पर ग्रामीणों में बांटा गया था। अब पूरे गांव में रैबीज फैलने का डर हो गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि जिन लोगों ने मांस खाया है उनको खतरा हो सकता है।
इस मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया। जिसके बाद गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर (कैंप) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है रैबीज आमतौर पर संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने या काटने से फैलता है। पका मांस खाने से खतरा नहीं है। इसके बाद भी ग्रामीणों ने डर का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में हर तीन साल में स्थानीय देवी देवताओं की की विशेष पूजा होती है। इस पूजा को निकाली पूजा के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस पूजा में बकरे के बलि देने की प्रथा है। इस बार पूजा 28 दिसंबर को आयोजित की गई थी। जिसमें बकरे की बलि दी गई थी। बकरे की बलि देने के बाद इस बात की जानकारी लगी की बकरा संक्रमित था।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मांस को केवल गांव के पुरुषों ने ही खाया है। महिलाओं ने नहीं खाया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लोगों की जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने ग्रामीणों से कहा है कि खतरे की कोई बात नहीं है। पका हुआ मांस खाने से रैबीज का खतरा कम नहीं होता है।




