भीख मांगने वाले बच्‍चों के हाथों में थमाई किताब, आजमगढ़ के एसआई रणजीत यादव को मिलेगा डॉ कलाम अवॉर्ड

अयोध्या,(उत्तर प्रदेश)। ‘खाकी वाले गुरुजी’ नाम से चर्चित सब इंस्‍पेक्‍टर रणजीत यादव को ‘डॉ. कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड-2023’ से सम्‍मानित किया जाएगा। रणजीत यादव अयोध्‍या पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं। उन्‍हें यह सम्‍मान सामाजिक कार्यों के लिए दिया जा रहा है। वह समाज के हाशिए पर रह रहे वर्ग जैसे भिखारियों, बेसहारा परिवारों के बच्‍चों को पिछले कुछ साल से पढ़ा रहे हैं।
उन्‍हें यह सम्मान नई दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय युवा केन्द्र चाणक्यपुरी में आयोजित तीन दिवसीय कलाम यूथ लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में दिया जाएगा। यहां उन्हें अपने सामाजिक कार्य के अनुभवों को साझा करने का भी मौका मिलेगा।
यादव ने बताया कि देश के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में 25 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा भारत के सभी 29 राज्‍यों के प्रतिनिधि भी आएंगे।
रणजीत यादव ने बताया कि उन्हें राष्ट्रीय प्रतिनिधि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व करने का भी अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम ख्वाब फाउंडेशन 27 से 29 जुलाई तक आयोजित कर रहा है। ख्वाब फाउंडेशन के चेयरमैन मुन्ना कुमार ने ईमेल के जरिए रणजीत को सम्मान के लिए चुने जाने की सूचना और आमंत्रण -पत्र भेजा है। रणजीत यादव ‘विश्व में शांति लाने के लिए युवाओं के माध्यम से भविष्य की तैयारी’ विषय पर बोलेंगे।
‘ड्यूटी के साथ जनसेवा की लगन’
रणजीत यादव रक्तदान, पौधरोपण, गरीब असहायों और दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने, शिक्षा, सुरक्षा और नशामुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन वह चर्चा में तब आए जब अयोध्या के एक मोहल्ले में भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए क्लास शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्‍होंने इन बच्चों मे भिक्षा वृत्ति छोड़कर पढ़ने की लालसा पैदा की। रणजीत हर गर्मी के मौसम में बेजुबान जानवरों के लिए ‘ थोड़ा सा दाना, थोड़ा सा पानी’ मुहिम भी चलाते हैं।
आजमगढ़ के रहने वाले हैं रणजीत
आज़मगढ़ के एक छोटे से गांव भदसार के मूल निवासी रणजीत ने बीएचयू से दर्शनशात्र विषय में एमए किया है। सुरक्षा के साथ सेवा भावना के चलते उन्हें कई पुरस्कार पहले भी मिल चुके हैं। ड्यूटी से समय निकालकर एक वर्ष से 70 गरीब असहाय और भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के कारण अयोध्यावासी प्यार से इन्हें ‘खाकी वाले गुरुजी’ नाम से बुलाते हैं।

 

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