हिमाचल में तबाही मचाने के बाद अब लाशें उगल रही ब्यास नदी, 4 दिन में 10 शव बरामद

कुल्लू,(हिमाचल प्रदेश)। कुल्लू जिले में तबाही मचाने के बाद अब ब्यास नदी लाशों को उगल रही है। ब्यास नदीं में चार दिनों में 10 शव बरामद हो चुके हैं। 8 से 12 जुलाई तक हुई लगातार भारी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में भारी बाढ़ तथा भूस्खलन से कुल्लू में अब तक कुल 20 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से 11 शवों की पहचान नहीं हो पाई है। इन शवों में से 10 शव ब्यास नदी में मिले हैं और 7 श्रद्धालुओं के शव श्रीखण्ड यात्रा (निरमण्ड क्षेत्र) के रास्ते में मिले हैं। जिनकी मृत्यु अत्यधिक ठंड तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। इसके अतिरिक्त 1 शव लंकाबेकर, एक पतलीकुलह व एक शव ब्रौ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मलवे के निचे से मिले हैं। कुल बरमाद शवों में से 17 शव पुरषों के तथा 3 शव महिलाओं के हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा बचाव तथा राहत कार्य युद्ध स्तर पर लगातार जारी है।
ब्यास नदीं में मिली पीआरटीसी की बस!
चंडीगढ़ से मनाली के लिए रवाना हुई चौथी बस ब्यास में मिली है। जिसमें ड्राइवर का शव भी मिला है, जबकि कंडक्टर अभी भी लापता है। पंजाब सरकार ने बस की सूचना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। प्राकृतिक आपदा के दिन पंजाब से हिमाचल पहुंची 4 बसों में से राज्य सरकार ने 3 बसों के साथ संपर्क साध लिया था। अब चौथी बस का भी पता चल गया है।
ब्यास नदी ने क्यों मचाई तबाही
हिमाचल के कुल्लू, मंडी और मनाली जिले में ब्यास नदी ने जमकर तबाही मचाई थी। इसका मुख्य कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ना था। बारिश के चलते ब्यास नदी उफान पर थी और उसने जमकर कहर बरपाया। ब्यास-सतलुज लिंक परियोजना के पंडोह बांध का पानी ब्यास नदी में छोड़ने के बाद अचानक जल सैलाब आ गया। ब्यास नदी में आई बाढ़ से जहां फोरलेन किनारे दवाडा पुल बह गया था। वहीं 100 साल पुराना पंडोह पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया था।
कहां से निकलती है ब्यास नदी
ब्यास नदी कुल्लू में व्यास कुंड से निकलती है। व्यास कुंड पीर पंजाल पर्वत शृंखला में स्थित रोहतांग दर्रे में है। यह कुल्लू, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा में बहती है। कांगड़ा से मुरथल के पास पंजाब में चली जाती है। मनाली, कुल्लू, बजौरा, औट, पंडोह, मंडी, सुजानपुर टीहरा, नादौन और देहरा गोपीपुर इसके प्रमुख तटीय स्थान हैं। इसकी कुल लंबाई 460 किलोमीटर है। हिमाचल में इसकी लंबाई 256 किमी है।

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