अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंगठन की बैठक का जयपुर में हुआ आयोजन
International Brahmin Mahasangh meeting was organized in Jaipur

जयपुर/राजस्थान। अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंगठन की एक बैठक का राजस्थान प्रदेश महासचिव पंडित कैलाश अवस्थी के नेतृत्व में जयपुर में आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से पधारे पदाधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित रहे। जिसमें 20 मार्च को उत्तर प्रदेश के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा कलश यात्रा निकाली जा रही थी। जिसका आयोजन गौ रक्षक एवं सनातन धर्म की आस्था रखने वाले विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा हर वर्ष किया जाता है। इस वर्ष में पूर्व की भांति श्री रामचरितमानस का पाठ किया जा रहा था जिस क्रम में कलश यात्रा निकाली जा रही थी जो कि पूर्ववर्ती सरकारों में परंपरा का हिस्सा है। दुर्भाग्यपूर्ण इस वर्ष पुलिस प्रशासन द्वारा कलश यात्रा को रोकने का प्रयास किया गया जिसमें विधायक नंदकिशोर गुर्जर के साथ धक्का मुक्की की गई उनके कपड़े फाड़े गए दुर्व्यवहार करते हुए पवित्र ग्रंथ श्री रामचरितमानस को खंडित करने का प्रयास किया गया। ब्राह्मणों को अपशब्द बोलना यात्रा में शामिल श्रद्धालुयों के साथ मारपीट करना। जिसमें 98% महिलाएं भक्त शामिल थी। जिनमें काफी महिलाओं के कलश को खंडित किया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा इस घटना को अंजाम देना एक घोर कृत अपराध साबित होता है इस कृत अपराध में विधायक नंदकिशोर गुर्जर की छवि को धूमिल करना नहीं बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार की छवि को धूमिल किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि एक तरफ उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार में रामराज चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा विधायक को पुलिस प्रशासन द्वारा कलश यात्रा निकाले जाने से रोका जा रहा है राम भक्तों पर लाठियां वरसाई जा रही है महिलाओं के साथ अभद्रता की गई इसे समस्त घटनाक्रम से गुर्जर समाज ही नहीं बल्कि ब्राह्मण समाज के सम्मान को भी कलंकित करने का कार्य किया गया आज अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंगठन मैं बैठक में निर्णय लिया कि समस्त ब्राह्मण समाज विधायक नंदकिशोर गुर्जर के नेतृत्व में 13 अप्रैल को दिल्ली प्रधानमंत्री आवास पर एकत्रित होकर प्रधानमंत्री से भेंट करेंगे इस घटनाक्रम के बाद से गुजर समाज ही नहीं बल्कि सर्व ब्राह्मण समाज राम भक्तों महिलाओं और प्रत्येक सनातनी में व्यापक रोष है यदि विधायक नंदकिशोर गुर्जर को उचित न्याय एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो राजस्थान ही नहीं देश के ब्राह्मणों प्रत्येक सनातनीयो को बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



