वर्धा की प्राजक्ता मुते जिला स्तरीय युवा पुरस्कार से सम्मानित

कांति जाधव,(वर्धा/महाराष्ट्र)। भारतीय स्वतंत्रता की 77 वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला खेल परिसर में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में जिला कलेक्टर श्री राहुल कार्डिले द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए। घुगे साहब, जिला खेल अधिकारी लेकुरवाले और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सुश्री प्राजक्ता मुते का अभिनंदन कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए।
जरूरतमंद एवं होनहार विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा देने वाले,कम उम्र में ही महाराष्ट्र में पहचान बनाने वाली,अनेक पुरस्कारों के विजेता,युवा समाज सेवी शिक्षक,कोरियोग्राफर,वर्धा में ओजल बहुउद्धेशीय संस्था के अध्यक्ष निःशुल्क शिक्षा पाठ कर समाज सेवा की छाप छोड़ी जरूरतमंद और होनहार छात्र। प्राजक्ता मुते 8 वर्ष से जरूरतमंद और होनहार छात्रों को शिक्षा प्रदान करने का काम कर रही है, साथ ही छात्रों के लिए मुफ्त हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन करती है,चाहे वह कोरोना महामारी हो या बाढ़ प्रभावित कोल्हापुर, स्वतंत्र रूप से ओंजल बहुउद्धेशीय संस्था चला रही है। 21वीं सदी में युवा पीढ़ी ने एक अलग करवट ले ली है,लेकिन वही युवा पीढ़ी बहुजन समाज के लिए रोल आदर्श बन रही है.युवा और युवा पीढ़ी प्राजक्ता मुते से रोल आदर्श ले रहे है! प्राजक्ता मुते को हर तरफ से सराहना मिल रही है।
पुरस्कार मैंने इसे अपने माता-पिता, बहन, भाई-बहन, साहब,रिश्तेदारों,दोस्तों,बच्चों को दिया। जब मैंने प्राजक्ता से इस बार पूछा तो उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मेरा नहीं है बल्कि जिनके लिए मैं काम करती हूं, उन्होंने मुझे मौका दिया।काम करना,यह न केवल मेरा सम्मान है,बल्कि उनका भी सम्मान है जो मेरे पीछे मजबूती से खड़े हैं। प्राजक्ता मुते ने जोर देकर कहा कि हर व्यक्तिका सन्मान होना चाहिए जो समाज में निःस्वार्थ काम कर रहे हैं।




