हिरण शिकार मामला फिर बढ़ाएगा बॉलीवुड की धड़कनें!
राज्य सरकार की अपील और सलमान खान की याचिका पर 22 सितंबर को अगली सुनवाई

जोधपुर/राजस्थान। राजस्थान हाईकोर्ट में 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले की सुनवाई सोमवार को हुई। फिल्म अभिनेता सलमान खान की याचिका के साथ राज्य सरकार की अपील पर भी इस सुनवाई में विचार किया गया। मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान सहित सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे भी आरोपी रही हैं।
राज्य सरकार द्वारा दायर की गई ‘लीव टू अपील’ याचिका की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की पीठ में हुई। यह याचिका सह-अभियुक्त सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी। पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था, जिसे राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।एडवोकेट महिपाल बिश्नोई ने बताया कि राज्य सरकार इस निर्णय से असहमति जताते हुए अपील में गई है, ताकि सभी पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके।
सुनवाई के दौरान अभिनेता सलमान खान की ओर से दायर की गई ट्रांसफर पिटीशन पर भी चर्चा होनी थी। इस याचिका के जरिए सलमान की ओर से उनकी अपील को राज्य सरकार की अपील के साथ जोड़े जाने की मांग की गई थी। हालांकि, तकनीकी कारणों से यह याचिका कोर्ट में सूचीबद्ध नहीं हो सकी। बिश्नोई ने बताया कि हाईकोर्ट ने पूर्व में आदेश दिया था कि ट्रांसफर रिकॉर्ड को अदालत के नियमानुसार पंजीकृत कर लिस्टेड किया जाए, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।
कोर्ट ने निर्देश दिए कि सलमान खान द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ग्रामीण/महानगर जोधपुर) के समक्ष दायर अपील को हाईकोर्ट की ट्रांसफर पिटीशन के तहत शामिल किया जाए। अब दोनों अपीलों की अगली सुनवाई 22 सितंबर को एक साथ होगी।
इस मामले में जहां सलमान खान को पहले ही दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा और 25,000 रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है, वहीं सह-अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में रिहा कर दिया गया था। राज्य सरकार इसी निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए है।




