मेरठ जाते समय यूपी गेट पर रोके गए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद
पुलिस और समर्थकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर पर उस समय जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। वह मेरठ जा रहे थे जहां उन्हें सोनू कश्यप के शोकाकुल परिवार से मुलाकात करनी थी। पुलिस उन्हें गाजीपुर से लेकर यूपी जल निगम के गेस्ट हाउस ले आई। यहां उन्हें काफी देर तक रोककर रखा गया।
बता दें कि सोनू कश्यप की जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिससे इलाके में भारी आक्रोश है। जैसे ही पुलिस ने मंत्री के काफिले को बॉर्डर पर घेरा, माहौल गर्मा गया। संजय निषाद गाड़ी से नीचे उतरे और पुलिसिया कार्रवाई पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश या ठोस वजह के तीन घंटे से ज्यादा वक्त से ‘हाउस अरेस्ट’ रखा गया है।
मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से तीखे सवाल किए और पूछा कि आखिर किसके इशारे पर एक कैबिनेट मंत्री को पीड़ित परिवार तक जाने से रोका जा रहा है? इस दौरान जहां अधिकारी उन्हें शांत करते दिखे वहीं मंत्री के समर्थकों ने जोरदार हंगामा काटा।
मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने कहा कि प्रशासन में अभी भी सपा-बसपा-कांग्रेस वाली मानसिकता के अधिकारी बैठे हैं, जो सरकार के कामकाज में रोड़ा अटका रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के कारण ही भाजपा को प्रदेश में 43 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। मैं इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करूंगा और इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के गृह मंत्री को सौंपूंगा।
मंत्री ने सोनू कश्यप हत्याकांड पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की कि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बने, यानी सीधे फांसी। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे नहीं जाने दिया, जिससे सरकार और प्रशासन के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया है।





