नहीं मान रहे दिल्लीवाले! बिना पीयूसी के चला रहे वाहन

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण फैला रही गाड़ियों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्ती बरत रही है। प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक पुलिस ने पिछले चार महीने में एक लाख एक हजार 164 गाड़ियों के चालान काटे हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली में प्रदूषण बड़ी समस्या है। ऐसे में बिना पीयूसीसी के गाड़ी चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना बहुत जरूरी है। प्रदूषण रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के अलावा गाड़ी वालों को जागरूक भी कर रही है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें।
पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा चालान
पिछले साल एक जनवरी से 30 अप्रैल तक 78 हजार 169 गाड़ी वालों के प्रदूषण फैलाने पर चालान काटे गए थे। वहीं, इस साल एक जनवरी से लेकर 30 अप्रैल तक प्रदूषण फैलाने वाले एक लाख एक हजार 164 गाड़ियों के चालान काटे गए हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 30 फीसदी ज्यादा चालान इस साल काटे गए हैं।
करोल बाग में सबसे ज्यादा कटे चालान
इस बार दस ट्रैफिक सर्कल का पता लगाया गया है, जहां सबसे ज्यादा चालान काटे गए हैं। इनमें टॉप पर करोल बाग ट्रैफिक सर्कल रहा। यहां पर चार हजार से अधिक गाड़ियों के चालान काटे गए। दसवें नंबर पर तिलक नगर ट्रैफिक सर्कल रहा। यहां पर 2794 प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के चालान काटे गए।
दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर नकेल कसने के लिए नियमों को सख्त बनाने और नई टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करने की बातें तो लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल होती नहीं दिखाई दी है। ट्रांसपोर्ट विभाग की योजना थी कि पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरों की मदद से ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा कि फ्यूल भरवाने आई गाड़ी का पीयूसी वेलिड है या नहीं, यह तुरंत पता चल जाएगा। अगर पीयूसी एक्सपायर हो गया है, तो ड्राइवर से कहा जाएगा कि वह पहले पॉल्यूशन जांच करवाए, तभी फ्यूल मिलेगा, लेकिन अभी तक यह सिस्टम लागू नहीं हो पाया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के पास हर दिन ऐसी गाड़ियों का डेटा जनरेट होता रहता है, जिनके पीयूसी एक्सपायर हो गए हैं और लोगों ने उन्हें रिन्यू नहीं करवाया है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को नोटिस या चालान भेजने तक में ढिलाई बरती जाती है। नतीजा, बिना पीयूसी के गाड़ियां सड़कों पर धड़ल्ले से तब तक चलती रहती हैं, जब तक ट्रैफिक पुलिस या ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम उन्हें रोक कर चेक ना करें। सर्दियों में जब ग्रैप के नियम लागू होते हैं, तब तो जरूर सड़कों पर थोड़ी सख्ती बरती जाती है, लेकिन बाकी समय खुलेआम धुआं छोड़ती गाड़ियां सड़कों पर चलती दिख जाती हैं। सख्ती के अभाव में लोग पीयूसी नियमों को गंभीरता से लेते ही नहीं है।
कहां कितने कटे चालान
| ट्रैफिक सर्कल | चालान संख्या |
|---|---|
| करोल बाग | 4034 |
| भजनपुरा | 3852 |
| अशोक विहार | 3703 |
| नजफगढ़ | 3587 |
| द्वारका | 3488 |
| सरिता विहार | 3420 |
| नंद नगरी | 3268 |
| पंजाबी बाग | 3265 |
| मॉडल टाउन | 3126 |
| तिलक नगर | 2794 |




