कुंभ में हरकी पैड़ी समेत 105 घाटों पर गैर हिंदुओं की नहीं होगी एंट्री

देश में पहली बार लागू होगा समान धार्मिक बायलाज

देहरादून/एजेंसी। राज्य सरकार कुंभ में हरिद्वार-ऋषिकेश के नगर निगम व संपूर्ण कुंभ क्षेत्र को पवित्र सनातन नगरी घोषित करने की तैयारी कर रही है। सरकार के इस फैसले से हर की पैड़ी समेत 105 गंगा-घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा। यह देश में पहली बार होगा जब किसी गंगा तीर्थ नगरी में घाट-स्तर पर एकसमान धार्मिक बायलाज लागू किया जाएगा। कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से हाल ही में किए गए सर्वे में सामने आया कि हरिद्वार में कुल 105 गंगा घाट हैं। इसके बाद से लगातार यह मांग उठ रही है कि सभी घाटों पर एकसमान धार्मिक नियम लागू हों।
श्री गंगा सभा हरिद्वार ने भी सभी घाटों पर नगर निगम बायलाज समान रूप से लागू करने का मुद्दा उठाया। मांगों को देखते हुए ही सरकार ने कुंभ के दौरान गंगा तीर्थ नगरी में घाट-स्तर पर एक समान व्यवस्था लागू करने का मन बना लिया है।इसके तहत हर की पैड़ी और अन्य सभी गंगा घाटों में गैर-सनातन व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा। कुंभ क्षेत्र को पवित्र नगरी घोषित किया जाएगा।
इतिहास पर नजर डालें तो यह नया कदम नहीं है। भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय ने 1916 में ब्रिटिश हुकूमत के साथ समझौता किया था। इसके तहत गंगा की अविरल धारा और तीर्थ नगरी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुछ नियम तय किए गए थे, जिनमें गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल था।
इसका पालन आज भी श्री गंगा सभा कराती है। इन नियमों के अनुसार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गैर-हिंदुओं का स्थायी निवास नहीं हो सकता था। वे केवल कार्यो के लिए आएंगे और कार्य पूरा कर लौट जाएंगे। हरिद्वार-ऋषिकेश कुंभ क्षेत्र में यह पाबंदी लागू हुई तो हरिद्वार से ऋषिकेश तक लगभग 45-50 किलोमीटर गंगा नदी के किनारे यह पाबंदी रहेगी।
वहीं गंगा नदी किनारे नगर निगम क्षेत्र और प्रमुख तीर्थ स्थलों, मठ, आश्रम, धर्मशाला व अखाड़े भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। लगभग 120-150 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र व मेला आयोजन स्थल पर यह प्रतिबंध लागू होगा। सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की ओर से सैद्धांतिक सहमति दी गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button