कौशांबी में महिला और बच्चों का अपहरण कर बेचा, बेबस पति लगा रहा गुहार

कौशांबी,(उत्तर प्रदेश)। करारी थाना क्षेत्र के एक युवक ने मंगलवार को एसपी को शिकायती पत्र देकर थाना पुलिस को अपने साथ बुलंदशहर ले जाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उसकी पत्नी और बच्चे बुलंदशहर के नई मंडी स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखे गए है। घर का मालिक उन्हें खरीदने की बात कह कर लड़ाई झगड़ा करने लगता है। थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज करने के बाद भी अभी तक उन्हें बरामद नहीं कर सकी है। इब्राहिमपुर गांव निवासी मेवा लाल पेशे से किसान है, उसके घर में पत्नी मइकी देवी, बेटी आंचल और बेटा शिवम है।
27 जुलाई को सराय अकिल थाना क्षेत्र के सरैचा गांव निवासी कौशल्या देवी, राकेश ने मइकी देवी को बहलाकर बच्चों समेत बुलंदशहर ले जाकर 90 हजार रुपये में बेच दिया। पीड़ित मेवा लाल ने मामले में आरोपी के खिलाफ करारी थाने में अपहरण का मुकद्दमा दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पति बच्चों को खोजता हुआ बुलंदशहर के नई मंडी स्थित किशन गिरी उर्फ पंडित जी के घर पंहुचा। जहां उसकी पत्नी और बच्चे बंधक बने है। मेवा राम ने बताया कि उन्हें छुड़ा कर लाने के लिए स्थानीय थाना पुलिस से मदद मांगी। पुलिस के सामने किशन गिरी ने उसे धक्के मार कर घर से बाहर निकाल दिया।
पुलिस ने उसे करारी थाना पुलिस के साथ आने की बात कह कर वापस कौशांबी भेज दिया। पीड़ित ने एसपी से प्रार्थनापत्र देकर करारी पुलिस को अपने साथ ले जाने की गुहार लगाईं है। एसपी दफ्तर में पुलिसकर्मियों ने पीड़ित का शिकायती पत्र लेकर उसे घर भेज दिया है। एडिशनल एसपी समर बहादुर ने बताया कि छुट्टी के कारण प्रार्थना पुलिसकर्मियों ने लिया है। मामले में शिकायती पत्र को ध्यान में रखते हुए, सत्यता की जांच कराई जाएगी। मामले में सत्यता होने पर बंधक बने लोगो को मुक्त कराया जाएगा।




