सीबीआई ने वेलकम थाने के कॉन्स्टेबल प्रदीप तोमर को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

उत्तर पूर्वी दिल्ली। पुलिसवालों के रिश्वतखोरी में पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला मंगलवार का है, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नॉर्थ ईस्ट जिले के वेलकम थाने में रेड की। एक कॉन्स्टेबल प्रदीप तोमर को डग्गामार बस चलवाने के लिए 13 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धर लिया गया। पांच महीने के भीतर सीबीआई ने पांच हजार से पांच लाख तक की रिश्वत लेते 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को अरेस्ट किया है। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है।
पुलिसकर्मियों पर रिश्वत के आरोप लगते रहते हैं। कई बार जांच अधिकारी पर प्रेशर बनाने के लिए आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन, सीबीआई के रंगे हाथ पकड़ने के मामले बढ़ने से वाकई हालात गंभीर हैं। इससे साबित होता है कि थाना लेवल पर घूसखोरी चरम पर है, क्योंकि हर कोई सीबीआई तक नहीं पहुंच पाता है। कई ऐसे मामले होते हैं, जिनमें पीड़ित कानूनी पचड़ों से बचने या खुद गलत होने से कंप्लेंट नहीं करता। ऐसे लेन-देन का खुलासा नहीं हो पाता है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने पुलिसकर्मियों को अपने इलाके में कंस्ट्रक्शन करवाने या रुकवाने से दूरी बनाने के लिए 22 अक्टूबर 2022 को एक ऑर्डर जारी किया था। ये भी कहा था कि अवैध निर्माण को लेकर पुलिसवालों के खिलाफ शिकायतें मिलती रहती हैं, जिससे दिल्ली पुलिस की छवि खराब होती है। इसके बावजूद कंस्ट्रक्शन साइट पर जाकर पुलिसकर्मी वसूली करते दिख जाते हैं। नॉर्थ ईस्ट जिला के सोनिया विहार और नंद नगरी में तीन पुलिसकर्मी इसी मामले गिरफ्तार हुए थे।




