2 लाख के बताए गए प्रगति मैदान टनल लूटकांड में अब तक 15 लाख रुपये बरामद

नई दिल्ली। प्रगति मैदान टनल में 24 जून को दिनदहाड़े हुई लूट में अभी तक 15 लाख रुपये से अधिक बरामद किए जा चुके हैं, जबकि यह लूट 2 लाख रुपये की ही बताई गई थी। अब आशंका है कि लूट 30 से 40 लाख रुपये या इससे भी अधिक की हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि लूटे गए रुपयों में अभी तक 15 लाख की बरामदगी को भी सच मान लिया जाए, तो यह तय है कि ओमिया एंटरप्राइजेज द्वारा शुरू में तिलक मार्ग थाना पुलिस को झूठ बोला गया कि लूट डेढ़ से दो लाख रुपये की ही हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस तरह से पुलिस से झूठ बोलने के आरोप में क्या पीड़ित के खिलाफ भी कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
​अब तक 9 आरोपियों हो चुके हैं अरेस्ट
दिलचस्प यह भी है कि आरोपियों से पूछताछ और इनकी गिरफ्तारी के बाद से पुलिस लगातार लूटी गई रकम की बरामदगी करती जा रही है। लेकिन क्राइम ब्रांच का कहना है कि उन्हें अभी तक लूटी गई रकम की सही-सही जानकारी नहीं दी गई है। पैसे मिलते ही जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोप में उस्मान अली उर्फ कल्लू (25), अनुज मिश्रा उर्फ सनकी (26), कुलदीप उर्फ लुंगड़ (26), इरफान (22), सुमित उर्फ आकाश, प्रदीप उर्फ सोनू (37), अमित उर्फ बाला और हॉस्पिटल में भर्ती विशाल नाम के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार रात को ही यूपी के सोनभद्र से अनिल चोटी नाम के एक और आरोपी को पकड़ा गया है। यानी कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
​एक से ज्यादा मास्टरमाइंड
मामले में मास्टरमाइंड की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। पहले केवल उस्मान को ही मास्टरमाइंड बताया जा रहा था। बाद में इसमें प्रदीप उर्फ सोनू और अब अनिल चोटी का नाम भी शामिल कर लिया गया है। मामले में कम से कम चार और आरोपी पकड़े जाने हैं। इनमें एक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। यानी लूट की इस वारदात में एक-दो नहीं, बल्कि चार मास्टरमाइंड थे।
​बदमाशों ने 3 दिन की रेकी
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने तीन दिनों तक रेकी करते हुए 24 जून की दोपहर को चांदनी चौक की ओमिया एंटरप्राइजेज के डिलिवरी एजेंट साजन कुमार रामा भाई को टारगेट कर टनल में लूट की यह वारदात की। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से लूट को अंजाम दिया गया, उससे लग रहा है कि इसमें अंदर का ही कोई शख्स मिला था। जिसे इस बात का बखूबी पता था कि पटेल साजन के बैग में कितने लाख रुपये हैं। शुरू में पीड़ित मुकदमा दर्ज ही नहीं कराना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस के दबाव देने पर मामला दर्ज कराया गया। तो क्या यह पैसा हवाला का था? जिसका खुलासा होने के डर से पीड़ित एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते थे।
​अपाचे बाइक से लूटकांड के खुलासे में मदद
वारदात का खुलासा होने में लूट में इस्तेमाल फर्जी नंबर की अपाचे बाइक का भी अहम योगदान रहा। तफ्तीश में पता लगा है कि लूट से एक दिन पहले 23 जून की दोपहर को बुराड़ी स्थित उस्मान के फ्लैट में गोली चली थी, जो उस्मान के दोस्त विशाल को लगी थी। उसे जीटीबी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बुराड़ी थाना पुलिस तफ्तीश करते हुए उस्मान, राहुल, प्रदीप, इरफान और अमित उर्फ बाला तक पहुंच गई थी, लेकिन 26 जून की सुबह इन्हें छोड़ दिया गया था। हालांकि जब तक इस लूट में इनका कोई रोल सामने नहीं आया था।
​लूट में इस्तेमाल हुई दोनों बाइक चोरी की निकली
इसी दिन दोपहर को नई दिल्ली जिले के डीसीपी प्रणव तायल और नॉर्थ दिल्ली के डीसीपी सागर सिंह कलसी लाल किला चौकी में बैठकर इसकी तफ्तीश कर रहे थे। तभी पता लगा कि लूट में इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक और बुराड़ी में 23 जून की दोपहर को विशाल को लगी गोली के बाद भी वही अपाचे बाइक इस्तेमाल की गई थी। बस फिर क्या था, पुलिस एक्टिव हुई और उस्मान के अलावा दो और आरोपी दबोच लिए गए। तभी इनकी सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज से भी इनपुट मिल गया था। लूट में इस्तेमाल की गई दोनों बाइक चोरी की मिली हैं। यह भी शक है कि टनल में चार नहीं, बल्कि आठ आरोपी वारदात के दौरान थे।

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