ठाणे के अस्पताल में 89 मरीजों पर एक नर्स,जहां जगह वहीं इलाज

ठाणे,(महाराष्ट्र)। कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में 24 घंटे में 18 मरीजों की मौत की खबर के बाद हड़कंप मच गया है। इस खबर से जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सामने आ रही है। कलवा अस्पताल की क्षमता 500 बेड की है। लेकिन मौसमी बिमारियों के चलते मरीजों की संख्या बढ़कर 600-700 से भी अधिक हो गई है। इसलिए वार्ड में जहां जगह है वहां बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। एक वार्ड की क्षमता 49 मरीजों की है और फिलहाल एक नर्स 89 मरीजों का इलाज कर रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने मैन पावर और जगह भी कम पड़ रही है।
प्रतिदिन, ठाणे शहर, कलवा, मुंब्रा, दिवा, पालघर, उल्हासनगर, डोंबिवली, जवाहर, वाडा, भिवंडी आदि विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। कई निजी या घरेलू उपचार वाले मरीज जो गंभीर हालत में होते हैं। उन्हें लाए जाने के बाद यहां के डॉक्टर मरीज को बचाने के लिए एक पूरा प्रयास करते हैं। मरीजों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन की चौतरफा आलोचना हो रही है।
रविवार सुबह 18 मरीजों की मौत
ठाणे नगर पालिका के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में गुरुवार को पांच मरीजों की मौत हो गई। फिलहाल ठाणे जिला सरकारी अस्पताल का काम चल रहा है। प्रशासन के दावे के मुताबिक इस वजह से कलवा अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ है। इसकी एक वजह यह भी है कि यहां मलेरिया और डेंगू के मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है। लेकिन गुरुवार की घटना के बाद रविवार सुबह 18 मरीजों की मौत की खबर सामने आ गई। इन मरीजों की मौत शनिवार रात साढ़े दस बजे से रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दस घंटे में हुई। उनमें से 13 मरीज़ आसीयू में थे जबकि जनरल वार्ड पांच मरीजों की मौत हुई है।
निजी अस्पताल से भी कुछ मरीज़ों को अंतिम समय में बहुत गंभीर हालत में कलवा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तमाम कोशिश के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों में ठाणे के छह, कल्याण के चार, शाहपुर के तीन और भिवंडी, उल्हासनगर, साकीनाका, गोवंडी के एक-एक मरीज शामिल हैं। वहीं पुलिस द्वारा भर्ती एक अज्ञात मरीज की जानकारी ठाणे नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने दी है।
मौत के कई कारण
अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि कुछ मरीजों की मौत एक्सीडेंट के कारण हुई जबकि अन्य की मौत अल्सर, लीवर रोग, निमोनिया, जहर पीने, डायलिसिस, सिर पर चोट, मूत्र संक्रमण, ऑक्सीजन की कमी, निम्न रक्तचाप, बुखार आदि के कारण हुई। मृतकों में 83 वर्षीय महिला और 81 वर्षीय पुरुष शामिल हैं।

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