मध्य प्रदेश में 230 में से 90 नवनिर्वाचित विधायकों पर आपराधिक मामले, 89 फीसदी करोड़पति

मध्य प्रदेश डेस्क। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने और उसके नतीजे घोषित होने के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट जारी की जिसमें यह खुलासा हुआ कि राज्य के 230 में से 90 नवनिर्वाचित विधायक यानी करीब 39 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर एक गैर-लाभकारी संगठन है जो चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की आपराधिक, वित्तीय और शैक्षिक पृष्ठभूमि का खुलासा करता है। रिपोर्ट में बताया गया कि 2023 में विश्लेषण किए गए 230 में से 90 विजेता उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इसी तरह, राज्य में 230 में से 34 विजयी उम्मीदवारों यानी लगभग 15 प्रतिशत ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
आपराधिक मामले वाले इन 90 विधायकों में से 51 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के, 38 कांग्रेस पार्टी के और एक भारतीय आदिवासी पार्टी के हैं। पिछले 2018 विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार संख्या में थोड़ी गिरावट है। 2018 के एमपी विधानसभा चुनावों के दौरान, 230 में से 94 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे, जबकि 230 में से 47 विधायकों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे। रिपोर्ट में एक और दिलचस्प डेटा यह है कि राज्य में 205 नवनिर्वाचित विधायक यानी करीब 89 फीसदी ‘करोड़पति’ हैं। इन करोड़पति विधायकों में से 144 बीजेपी के और 61 कांग्रेस पार्टी के हैं।
राज्य में करोड़पति विधायकों की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में बढ़ी है क्योंकि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान 187 विधायक करोड़पति थे। रतलाम जिले के रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चेतन्य कश्यप राज्य के सबसे अमीर विधायक हैं जिनकी कुल संपत्ति 296 करोड़ रुपये से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह, कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक 242 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर विधायक हैं, उनके बाद कांग्रेस विधायक कमल नाथ हैं, जिनकी कुल संपत्ति 134 करोड़ रुपये से अधिक है।

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