नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार शख्स खुद को बताता था वरिष्ठ पत्रकार, सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष होने का भी दावा
आरोपी रंजीत सिंह राठौर पर सीतापुर में नाबालिग से रेप का केस दर्ज है। वारदात लखनऊ के हसनगंज इलाके में हुई थी।

लखनऊ/एजेंसी। राजधानी लखनऊ में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मड़ियांव क्षेत्र से रंजीत सिंह राठौर नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को वरिष्ठ पत्रकार और सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बताता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी की सोशल मीडिया प्रोफाइल और उसके कथित रसूख को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
मामला मूल रूप से सीतापुर की कोतवाली में दर्ज मुकदमे से सामने आया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म और मारपीट की गई। चूंकि कथित घटना लखनऊ के हसनगंज क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मामले की विवेचना लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई। इसके बाद लखनऊ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों तथा पीड़िता के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में रंजीत सिंह राठौर का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आने के बाद उसे मड़ियांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच की। उसकी फेसबुक प्रोफाइल पर वह स्वयं को ‘वरिष्ठ पत्रकार’ और सुभासपा का ‘प्रदेश उपाध्यक्ष’ बताता दिखाई देता है। प्रोफाइल पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ मंच साझा करते हुए तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं। इसके अलावा आरोपी ने एसटीएफ प्रमुख सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रखी थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इन तस्वीरों और कथित पद का इस्तेमाल लोगों के बीच अपना प्रभाव दिखाने के लिए करता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पत्रकार अथवा राजनीतिक पदाधिकारी के रूप में अपनी कथित पहचान का इस्तेमाल किसी प्रकार की वसूली या ब्लैकमेलिंग के लिए किया था।
मामले में पीड़िता की ओर से आरोपी को मोहल्ले का सभासद बताए जाने तथा उसके खिलाफ पूर्व में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का भी आरोप लगाया गया था। पीड़िता की मां ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और कथित ब्लैकमेलिंग व वसूली के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
एसीपी अलीगंज के अनुसार, आरोपी खुद को पत्रकार बताकर अधिकारियों से मिलता था और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाकर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। इन तस्वीरों के जरिए वह लोगों पर अपना प्रभाव जमाने का प्रयास करता था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी की फेसबुक प्रोफाइल पर सुभासपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का उल्लेख जरूर है, लेकिन अभी तक इस दावे के संबंध में कोई तथ्य सामने नहीं आया है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी के किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल होने अथवा कथित वसूली नेटवर्क से जुड़े होने की भी जांच जारी है।




