पाकिस्तानी महिला ने जब अटल जी को दिया था शादी का प्रस्ताव, मुंह दिखाई में मांगा कश्मीर, मिला था मजेदार जवाब
अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा 19 फरवरी 1999 को शुरू हुई एक ऐतिहासिक शांति पहल थी। भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी 'सदा-ए-सरहद' नामक उद्घाटन दिल्ली-लाहौर बस सेवा के जरिए वाघा बॉर्डर पार कर लाहौर पहुंचे थे।

इस्लामाबाद/एजेंसी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपनी हाजिरजवाबी, सहज व्यवहार और शानदार सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए भी जाने जाते थे। उनकी पुण्यतिथि 16 अगस्त को मनाई गई। इसी अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सुनाया गया वाजपेयी से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में है, जिसमें उनकी मजाकिया शैली के साथ-साथ कश्मीर मुद्दे पर उनका स्पष्ट रुख भी नजर आता है।
राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान वाजपेयी से जुड़ा किस्सा साझा करते हुए बताया था कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान एक महिला वाजपेयी के भाषण से काफी प्रभावित हुई। बातचीत के दौरान महिला ने वाजपेयी के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। महिला ने कथित तौर पर कहा कि यदि वाजपेयी उससे शादी कर लें तो वह बदले में कश्मीर चाहती है।
राजनाथ सिंह के मुताबिक, वाजपेयी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में महिला को जवाब देते हुए कहा कि वह शादी के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें दहेज में पूरा पाकिस्तान चाहिए। वाजपेयी के इस जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुराए। राजनाथ सिंह ने उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की तारीफ करते हुए कहा था कि वाजपेयी की हाजिरजवाबी का अंदाज अलग ही था।
यह किस्सा ऐसे समय में सामने आया जब भारत-पाकिस्तान संबंधों और कश्मीर का मुद्दा दोनों देशों की राजनीति में बेहद संवेदनशील विषय रहा है। वाजपेयी अपने राजनीतिक जीवन में संवाद और शांति प्रयासों के समर्थक रहे, लेकिन राष्ट्रीय हित और कश्मीर के मुद्दे पर उनके रुख को लेकर उनकी स्पष्टता भी हमेशा दिखाई देती थी।
वाजपेयी की पाकिस्तान यात्रा उनके प्रधानमंत्रित्व काल की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रही। 19 फरवरी 1999 को उन्होंने दिल्ली-लाहौर के बीच शुरू हुई ‘सदा-ए-सरहद’ बस सेवा से पाकिस्तान की यात्रा की थी। वाघा सीमा पार कर लाहौर पहुंचने पर तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनका स्वागत किया था।
इस यात्रा का उद्देश्य पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच शांति एवं विश्वास कायम करना था। यात्रा के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच ‘लाहौर घोषणापत्र’ पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा गया था।
वाजपेयी के साथ इस ऐतिहासिक बस यात्रा में कई जानी-मानी भारतीय हस्तियां भी शामिल हुई थीं। इनमें पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, अभिनेता देव आनंद, गीतकार जावेद अख्तर और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा सहित अन्य प्रमुख लोग शामिल थे।
हालांकि, लाहौर शांति पहल के कुछ ही महीनों बाद कारगिल युद्ध छिड़ गया। कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठ के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान के बीच शुरू हुई शांति प्रक्रिया को बड़ा झटका दिया।
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर उनके राजनीतिक जीवन, कूटनीतिक पहल और हाजिरजवाबी से जुड़े पुराने किस्से एक बार फिर याद किए जा रहे हैं।




