वंदे मातरम विवाद पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कहा- किसी कीमत पर नहीं गाऊंगा
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि वह पहले भी वंदे मातरम नहीं गाते थे और आगे भी नहीं गाएंगे। यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक तकरार में बदलता नजर आ रहा है। भाजपा की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाए जाने के बीच सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि वह वंदे मातरम का पूरा गीत नहीं गाएंगे। उन्होंने इसे अपने संवैधानिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया।
मीडिया से बातचीत में इमरान मसूद ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिसे वंदे मातरम से प्रेम है, वह उसका गायन करे। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इसे पूरा नहीं गाते थे और आगे भी नहीं गाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी कीमत पर वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह उनका संवैधानिक अधिकार है कि वह अपने धर्म का पालन करें। उन्होंने वंदे मातरम के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गीत की पृष्ठभूमि और इसके लिखे जाने के इतिहास को समझने के बाद ही इस विषय पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम को लेकर लोगों के बीच गलत धारणा बनाई जा रही है।
इमरान मसूद ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी गीत के गायन के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय संवैधानिक और धार्मिक स्वतंत्रता के नजरिए से देखने की बात कही।
वहीं, वंदे मातरम को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी कांग्रेस और सोनिया गांधी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को खुश करने और वोट बैंक की राजनीति के तहत इस तरह का रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने समय-समय पर मुसलमानों को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया है।
वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होने से यह मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के बाद भी राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।




