पंजाब में 1988 के बाद की सबसे भयंकर बाढ 3 लाखसे ज्यादा लोग प्रभावित 30 लोगों की मौत
पंजाब में 37 साल बाद दिखा ऐसा भयानक मंजर

शामसिंग गिल/तरणतारण(पंजाब)। पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने 1988 की बाढ़ की तबाही को भी पीछे छोड़ दिया है। लगभग 1300 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं, लाखों लोग बेघर हुए हैं और 30 से अधिक लोगों की जान चली गई है। भगवंत मान सरकार ने पंजाब को आपदा क्षेत्र घोषित किया है। बाढ़ के मुख्य कारणों में हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश और पोंग, भाखड़ा, तथा रंजीत सागर डैमों से पानी छोड़ना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वर्षों से नालों और नहरों की सफाई न होना, नदियों से अवैध रेत उत्खनन, और कमज़ोर तटबंध भी बाढ़ के लिए ज़िम्मेदार हैं।
दशकों में आई अपनी सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा पंजाब प्रकृति के कहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बाढ़ में 30 लोगों की जान चली गई और 3.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने कुछ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। पंजाब के अधिकारियों ने बताया कि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक की स्थिति पर जारी बुलेटिन के अनुसार, इससे पहले 12 ज़िले बाढ़ की चपेट में थे।
मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के सभी 23 ज़िलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है। कुल 1,400 गांवों को प्रभावित घोषित किया गया है, जिससे अब तक 3,54,626 लोग प्रभावित हुए हैं। 12 जिलों में आई बाढ़ में 30 लोगों की मौत हो चुकी है। पठानकोट में सबसे ज्यादा छह लोगों की मौत हुई है। जानकारी के अनुसार, बाढ़ से अब तक लगभग 20,000 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है। पंजाब 1988 के बाद से आई सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है।
राज्य के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, पंजाब के सभी आईपीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन देने का संकल्प लिया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह योगदान चल रहे राहत और पुनर्वास प्रयासों में सहयोग के लिए एक विनम्र प्रयास है। भारी बारिश से हुई आपदा का खामियाजा भुगत रहे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए, हरियाणा सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों राज्यों के लिए 5-5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की। इस बीच, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को अलग-अलग प्रभावित इलाकों का दौरा किया।





