कालकाजी मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे, तमाशा देखते रहे सेवादार, योगेंद्र को बचाने नहीं आया कोई

परिवार से मंदिर कमेटी व पुजारी कोई मिलने तक नहीं आया

दक्षिणी दिल्ली। कालकाजी मंदिर परिसर में हुई वीभत्स घटना ने आंतरिक सुरक्षा पर भी सवाल उठा दिए हैं। मंदिर में 50 से ज्यादा सेवादार होने के बावजूद किसी ने भी योगेंद्र की जान बचाने की जहमत नहीं उठाई। जिस समय योगेंद्र की बेरहमी से पिटाई की जा रही थी, तब कोई भी बचाव के लिए आगे नहीं आया। तभी आरोपित हत्या करने के बाद आसानी से फरार हो गए।
कालकाजी मंदिर में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को भक्तों की भीड़ रहती है। मंदिर के बाहर तक भक्तों की कतार लग जाती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के अलावा मंदिर में 50 से ज्यादा सेवादार भी हैं। यह सभी शुक्रवार को भी मंदिर में ही थे। इनकी मौजूदगी में ही आरोपितों ने सरेआम योगेंद्र की हत्या कर दी।
इसके अलावा अन्य लोग भी मौके से गुजरते हुए नजर आ रहे हैं। अब मंदिर कमेटी की तरफ से कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा का भी आंकलन किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो सके। योगेंद्र की हत्या के बाद उसके परिवार से भी कोई मिलने तक नहीं पहुंचा। मृतक के भाई कौशल ने बताया कि वह शुक्रवार को ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने गए थे। वहां पहुंचते ही भाई की मौत की सूचना आ गई। तभी वह फ्लाइट का टिकट कर दिल्ली पहुंचे।
कौशल ने कहा कि अभी तक मंदिर कमेटी या कोई पुजारी उनसे मिलने तक नहीं आया है। जबकि योगेंद्र कई साल से मंदिर में सेवा कर रहा था। कौशल ने बताया कि योगेंद्र का अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा। अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही पुलिस
वहीं, पुलिस योगेंद्र की हत्या को लेकर अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है, ताकि सही कारण सामने आ सके। इसके लिए जल्द से जल्द फरार आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि घटना के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

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