दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से चंद घंटे पहले पुलिस को मिली बड़ी सफलता

9 बदमाश गिरफ्तार, 24 पिस्टल व कारतूस भी बरामद

बाहरी दिल्ली। पिस्टल लहराते हुए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो अपलोड करने और आपराधिक वारदातों में हथियार का इस्तेमाल करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
पुलिस ने बाहरी-उत्तरी दिल्ली जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर नौ लोगों से 24 पिस्टल व 30 कारतूस बरामद किए हैं। सबसे ज्यादा 10 पिस्टल व नौ कारतूस नरेला के मामूरपुर गांव व बवाना से बरामद किए हैं। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले इतनी बड़ी संख्या में हथियारों की बरामदगी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर हथियार लेकर वीडियो प्रसारित करने वाले बदमाशों की पहचान के लिए साइबर पेट्रोलिंग शुरू की। इस दौरान पुलिस ने सैकड़ों लोगों के इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म की जांच की।
जिसके बाद पुलिस ने निरीक्षक आनंद झा के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ, वाहन चोरी निरोधक शाखा के निरीक्षक प्रमोद तोमर, शाहबाद डेरी, भलस्वा डेरी, एनआईए और स्वरूप नगर थाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन टीम गठित की। 12 अगस्त की देर रात टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। वाहन चोरी निरोधक शाखा ने खेड़ागढ़ी से यामीन, मुकुंदपुर से श्रीराम और आदित्य को गिरफ्तार किया। वहीं स्पेशल स्टाफ ने दो बदमाशों को मामूरपुर नरेला से आकाश और बवाना से अमरजीत को पकड़ा।
आकाश और अमरजीत के कब्जे से पुलिस ने 10 पिस्टल और नौ कारतूस बरामद किए। वहीं शाहबाद डेरी, भलस्वा डेरी, एनआईए और थाना स्वरूप नगर दिल्ली की टीम ने चार बदमाश सोनल मिश्रा, मोमिन खान, नूर हसन और आनंद को गिरफ्तार किया।
सोनल मिश्रा से एक पिस्टल और दो कारतूस, मोमिन खान से एक पिस्टल और एक कारतूस, नूर हसन से एक पिस्टल और एक कारतूस और आनंद से एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए। पुलिस जांच में पता चला कि यामीन पर पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। यामिन ने पूछताछ में बताया कि वह संजू सहरावत का सहयोगी है, जो एक नीरज बवाना गिरोह का सहयोगी है। आरोपित सोनल मिश्रा पर पहले लूटपाट, झपटमारी, चोरी और शस्त्र अधिनियम के 14 मामले दर्ज हैं।
आरोपित मोमिन खान पर पहले शस्त्र अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम, बीएनएस अपराध के चार मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी नूर मोहम्मद पर पहले से 50 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। श्रीराम ने पूछताछ में बताया कि वह इलाके में अपना खौफ पैदा करने के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अवैध हथियारों के साथ वीडियो डालता था। ताकि लोग डरे और इलाके में अपना नाम बना सकें।
आरोपित आदित्य ने बताया कि वह इलाके में अपना खौफ फैलाने के लिए अवैध हथियार दिखाता था, ताकि लोग डरे और वह इलाके में अपना नाम बना सके। बताया कि दोस्तों में अपना दबदबा बनाने के लिए हवाई फायरिंग भी करता था। पुलिस अधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। हथियार रखने वालों की अब खैर नहीं है।

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