गाजियाबाद में 6 वर्ष से छोटे बच्चे को बाल वाटिका में पढ़ाना जरूरी, नियमों के पालन में सख्ती की तैयारी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के छोटे बच्चों के बाल बाटिका में दाखिले की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करने की तैयारी है। परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इस वर्ष कक्षा 1 में प्रवेश को लेकर उम्र के नियम का पालन सख्ती से होगा। 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को कक्षा 1 में प्रवेश नहीं मिल सकेगा। उसे बाल वाटिका में प्रवेश दिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल ने गाजियाबाद समेत प्रदेश के सभी जनपदों के बीएसए को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश का पूरी तरह से अनुपालन का निर्देश दिया गया है।
शिक्षा निदेशक बेसिक के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 को 6 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों का कक्षा 1 में नामांकन किया जाएगा। उससे कम आयु के बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। उनका नामांकन बाल वाटिका में कराया जाएगा। नामांकन के समय बच्चे का आधार नंबर न होने पर उनके अभिभावक का आधार नंबर दर्ज किया जाएगा। यदि माता-पिता का आधार भी नहीं बना है तो नामांकन के दो सप्ताह के अंदर आधार बनवाना होगा। नामांकन के समय ही परिवार का राशन कार्ड नंबर और उसकी श्रेणी भी दर्ज करनी होगी।
नए सत्र में कक्षा 6 से 14 साल के हर बच्चे का स्कूल में नामांकन कराकर निशुल्क शिक्षा देने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। अभियान के तहत 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नामांकित सभी छात्र-छात्राओं की जानकारी बीएसए को हर सप्ताह निदेशालय को उपलब्ध करानी होगी। 6 वर्ष की आयु पूरी होने पर कक्षा 1 में प्रवेश को लेकर शासनादेश वैसे तो वर्ष 2023 में जारी किया गया था, मगर तब उम्र को लेकर रियायत दे दी गई थी। इस बार उम्र को लेकर कोई रियायत नहीं दी जाएगी, यह निर्देश सभी बीएसए को दे दिया गया है।




