वैष्णो देवी में भक्तों का सैलाब! श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से कटड़ा गुलजार
शैक्षणिक अवकाश और सुहावने मौसम के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह है। जून के 12 दिनों में 5.25 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए, जिससे कटड़ा के बाजार भी गुलजार हैं।

कटड़ा/जम्मू। शैक्षणिक संस्थानों में चल रही छुट्टियों और सुहावने मौसम के चलते माता वैष्णो देवी का दरबार इन दिनों श्रद्धालुओं से गुलजार है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ पहुंचकर मां के दरबार में मत्था टेक रहे हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। शुक्रवार को दिनभर हजारों श्रद्धालु यात्रा पंजीकरण करवाकर जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना होते रहे। दोपहर तक आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से यात्रियों को गर्मी से राहत मिली। बाद में मौसम साफ होने पर धूप निकली, जिससे यात्रा सामान्य रूप से जारी रही।
आंकड़ों के अनुसार जून माह में अब तक 5.25 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं, जबकि वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक 46 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। जानकारों का मानना है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए यात्रा का आंकड़ा एक करोड़ का रिकॉर्ड पार कर सकता है।
मौसम के प्रभाव के कारण शुक्रवार दोपहर तक हेलीकॉप्टर सेवा आंशिक रूप से प्रभावित रही, लेकिन बाद में इसे सुचारु कर दिया गया। वहीं बैटरी कार, केबल कार, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं निरंतर उपलब्ध रहीं, जिनका श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया।
वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 43 हजार से 50 हजार श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं, जिसके चलते भवन परिसर, यात्रा मार्ग और आधार शिविर कटड़ा में भारी भीड़ देखी जा रही है। हर तरफ श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां फिलहाल रद्द कर दी हैं, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें। वहीं प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं को सतर्कता के साथ यात्रा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु कटड़ा बाजार में खरीदारी भी कर रहे हैं, जिससे बाजारों में रौनक बढ़ गई है। 11 जून को 47,400 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में दर्शन किए, जबकि शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक करीब 30 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है।




