शौकिया रील बनाने वाले युवाओं के लिए गुड न्यूज, अब शिक्षा के माध्यम से खुलेंगे रोजगार के अवसर

ग्रेटर नोएडा। शौकिया रील बनाने वाले युवाओं के लिए शिक्षा के माध्यम से रोजगार के अवसर खुल जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय वित्तीय बजट में युवाओं को रील बनाना सिखाना के साथ ही कंटेंट क्रिएशन लैब खोलने को शामिल किया गया है। इसके तहत अब गौतमबुद्ध नगर जिले के स्कूलों में कंटेंट क्रिएशन लैब खोली जाएंगी। इससे छात्रों में लिखने के हुनर में निखार आएगा। साथ ही छात्रों को सही ढंग से रील बनाना सिखाया जाएगा। वैसे तो आज की युवा पीढ़ी इंस्टाग्राम-फेसबुक और यूट्यूब पर फेमस होने के लिए तरह-तरह की रील बनाकर डाल रही है। रील बनाने का सही तरीका नहीं पता होने के कारण कई बार युवाओं को सोशल मीडिया पर उन्हें मजाक का पात्र बनना पड़ता है।
लोग फिर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की कमेंट कर उनपर तंज कसते हैं। इससे कई बार युवा पीढ़ी फिर सोशल मीडिया से दूरी बना लेती है और रील बनाना छोड़ दे रही है, लेकिन अब सरकार की ओर से लाए गए वित्तीय बजट में रील बनाना सिखाया जाना और कंटेंट क्रिएशन कॉलेजों में खोला जाना शामिल किया है। इससे स्कूल और कालेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को रील बनाने के तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा और उसमें किस तरह के कंटेंट का उपयोग किया जाए इसके बारे में वह और अच्छे से सीख सकेंगे। जिले में 160 माध्यमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं।
वहीं कंपोजिट विद्यालय 161 स्कूल, सीबीएसई बोर्ड के 220 स्कूल और आइसीइई बोर्ड के चार स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें पढ़ाई करने वाले छात्रों को रील बनाना और कंटेंट लिखने के तौर-तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा। इसके माध्यम से कहीं न कहीं छात्रों के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।




