सीएम फडणवीस ने विधान परिषद में उद्धव ठाकरे को दी भावुक विदाई, तारीफों के साथ कसा तंज

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र विधान परिषद में मंगलवार को एक भावुक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सदन से भावपूर्ण विदाई दी। उद्धव ठाकरे का विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के अवसर पर फडणवीस ने जहां उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया, वहीं चलते-चलते एक शेर के माध्यम से तंज कसने से भी नहीं चूके।
अपने संबोधन में देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राजनीति में विचारधाराएं और रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और शिष्टाचार सर्वोपरि है। सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के साथ बिताए पुराने समय को याद करते हुए कहा कि सदन में उनकी उपस्थिति ने हमेशा चर्चाओं की गरिमा को बढ़ाया है। फडणवीस ने कहा, ‘हमारे बीच राजनीतिक मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन सदन के भीतर और बाहर एक-दूसरे के प्रति सम्मान कभी कम नहीं हुआ।’
फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में उद्धव ठाकरे द्वारा किए गए कार्यों और कोविड-19 जैसे संकट के समय उनके धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि उद्धव जी ने हमेशा संयमित भाषा और शालीनता के साथ अपनी बात रखी है, जो नए जनप्रतिनिधियों के लिए एक सीख है।
उद्धव ठाकरे के स्वभाव का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि वह स्वभाव से राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। वह अपने पिता हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे की तरह जो ठान लेते हैं, उसे कर डालते हैं, लेकिन उनका मूल स्वभाव आक्रामक नहीं, बल्कि शांत है।
उद्धव ठाकरे पर सीएम फडणवीस ने ली चुटकी
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है और भविष्य में राहें फिर से मिल सकती हैं। भाषण के अंत में फडणवीस ने एक शेर कहकर उद्धव पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि – साजिश की सौगात पहनकर बैठ गए, अनचाहे हालात पकड़कर बैठ गए। जिनको मेरा हाथ पकड़कर चलना था, ना जाने क्यों बात पकड़कर बैठ गए। बाद में बोलते हुए उद्धव ठाकरे इस शेर का जवाब यह कहकर दिया कि कुछ तो बात रही होगी, जो हम बात पकड़कर बैठ गए।





