गाजियाबाद के 4 लाख से ज्यादा करदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत! खारिज हो सकता है प्रॉपर्टी टैक्स लेने का फैसला

गाजियाबाद। नगर निगम सीमा क्षेत्र में रहने वाले 4.60 लाख से अधिक करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। डीएम सर्किल रेट पर के आधार पर संपत्ति कर की दर का निर्धारण कर एक अप्रैल 2024 से लागू किए जाने के नगर निगम के फैसले के खिलाफ 15 फरवरी को आयोजित नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिस पर चर्चा की जाएगी।
कार्यकारिणी की बैठक में यदि पार्षदों ने संपत्ति कर की नई दर का विरोध किया तो इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, वहां सदन भी यदि संपत्ति कर की नई दर का विरोध करता है तो करदाताओं की जेब पर एक अप्रैल 2024 से संपत्ति कर का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। खुद महापौर के साथ ज्यादातर पार्षद पहले से ही डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर लागू करने के फैसले के विरोध में हैं।
कार्यकारिणी की बैठक में शहर के अंदर पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें पहले से निर्धारित पार्किंग शुल्क लगभग दोगुना होगा और वाहनों की पार्किंग का समय भी कम करने का प्रस्ताव है। कार्यकारिणी और बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली शहर में पार्किंग शुल्क बढ़ जाएगा।
नगर निगम ने कार्यकारिणी की बैठक को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बैठक में कुल 16 प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। जिसमें पहला प्रस्ताव अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह का सफल आयोजन किए जाने पर शासन को धन्यवाद करने का होगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट पर चर्चा की जाएगी।

मुख्य रूप से यह प्रस्ताव भी किए जाएंगे पेश

  • यूजर चार्ज एकत्र करने के विषय पर गठित समिति की रिपोर्ट का क्रियान्वयन
  • अवैध डेरी संचालन, पशुपालन, अपशिष्ट का निस्तारण न करने के विषय पर चर्चा एवं निर्णय
  • बकाया संपत्ति कर जमा करने वालों के लिए छूट देने का प्रस्ताव
  • रिवर हाइट सोसायटी के सामने गोल चक्कर का नाम देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक रखने का प्रस्ताव
  • आशियाना पालम कोर्ट सोसायटी के चौराहे का नाम परशुराम चौक करने का प्रस्ताव
  • वैशाली सेक्टर- चार स्थित पार्क में बलिदानी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव

दुकानदारों को राहत नहीं
नगर निगम की 1,702 दुकानों का किराया बढ़ाए जाने के बाद दुकानदार तीन दिन से धरना दे रहे हैं, उनकी मांग है कि नगर निगम अपना फैसला वापस ले। लेकिन कार्यकारिणी की बैठक के लिए जो एजेंडा तैयार किया गया है, सूत्रों का कहना है कि उसमें दुकानों के किराए के संबंध में प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

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